खरगोन दंगों के पीएफआई कनेक्शन की जांच हुई शुरू..!

भोपाल,

खरगोन में भड़के दंगों का तनाव धीरे धीरे कम हो रहा है। लेकिन राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में टकराव जारी है। शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी खरगोन दंगे के बाद हुई बुलडोजर कार्रवाई को चुनौती देने के कदम और सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने के उनके फैसले पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी आज कह दिया है कि जो नगर पालिका के नियमों के मुताबिक अवैध है, उन पर कार्रवाई की जा रही है। वह कोर्ट जा रहे हैं, जाएं, अच्छी बात है। अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।' गृहमंत्री ने कहा कि खरगोन की घटना से सूफा, पीएफआई और जेएमबी जैसे संगठनों से कनेक्शन होने की जांच हो रही है। मिश्रा ने कहा इस मामले में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। गिरफ्तारी होना और बुलडोजर चलना दोनों अलग अलग मामले हैं। वहीं भोपाल के जेएमबी आतंकी केस में एनआईए की टीम जांच के लिए शाम को भोपाल पहुंच रही है।

गृह मंत्री ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। यद्यपि भोपाल में काजी कैम्प तक शोभायात्रा निकालने की अनुमति निरस्त कर दी गई है। गृहमंत्री ने कहा कि छोला हनुमान मंदिर से काजी कैम्प तक के लिए शोभायात्रा निकालने की अनुमति स्थानीय प्रशासन ने निरस्त कर दी है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

खरगोन कर्फ्यू में आज ढील:

उधर खरगोन में आज फिर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई। सब्जी, फल, दूध, किराना, मेडिकल, इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, मिठाई और नमकीन शॉप्स खुल। लोगों को गाड़ी ले जाने की परमिशन आज भी नहीं दी गई। दुकानों को छोड़कर दूसरे स्थानों पर 5 या इससे ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकेंगे। धार्मिक स्थल नहीं खुलेंगे।

अब महबूबा भड़की:

खरगोन दंगे के बाद दंगाइयों के मकान दुकानों पर चले बुलडोजर की आवाज कश्मीर तक पहुंची है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों को पलायन करने के लिए मजबूर किया गया था। कश्मीरी मुस्लिमों के तौर पर हम पर मूकदर्शक होने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन आज भाजपा भारत के विचार को ही खत्म करने में जुटी है। ऐसे में देश के बहुसंख्यक समुदाय की आपराधिक चुप्पी बेहद चिंताजनक है।