भारत ने श्रीलंका को तिरुवनंतपुरम में खेले गए वनडे मुकाबले में 317 रनों से शिक्सत दी। इस मुकाबले में श्रीलंका को 391 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी पूरी टीम 73 रनों के स्कोर पर सिमट गई। वनडे इंटरनेशनल के इतिहास में किसी टीम की रनों के हिसाब से यह सबसे बड़ी जीत रही। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में श्रीलंका का 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया।
मैदान पर तो टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन इस मैच को लेकर भारतीय फैन्स की दिलस्पी कुछ कम दिखाई दी। मुकाबले के दौरान लगभग आधा स्टेडियम खाली नजर आया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वनडे क्रिकेट के प्रति लोगों की दिलचस्पी कम तो नहीं हो रही है? टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी वनडे क्रिकेट को लेकर चिंता जताई। युवराज सिंह ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे चिंता इस बात की है कि आधा स्टेडियम खाली है? क्या वनडे क्रिकेट खत्म हो रहा है?'
इससे पहले जब तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच 2018 में वनडे मुकाबला हुआ था तो बारिश से खलल पड़ने के बावजूद स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था, लेकिन अबकी बार स्थानीय दर्शकों के कम पहुंचने से यह एकतरह से खाली रहा। रविवार को मैच देखने लगभग 17,000 दर्शक पहुंचे जबकि इसकी क्षमता 38,000 दर्शकों की है। केरल क्रिकेट संघ के मीडिया मैनेजर कृष्णा प्रसाद ने इसके लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया जिसमें वनडे को लेकर लोगों की दिलचस्पी में कमी भी शामिल है।
कृष्णा प्रसाद ने बताया, 'हमने कभी भी आधा खाली स्टेडियम नहीं देखा। इसके पीछे कई कारण हैं, अब हमें वनडे में ज्यादा लोगों की दिलचस्पी नहीं दिखती और ऊपर से कोलकाता में सीरीज का नतीजा भी निकल चुका था जिससे भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। फिर प्रतिद्वंद्वी टीम भी श्रीलंका थी तो ज्यादातर लोग स्टेडियम नहीं आए। तीसरे वनडे मैच के टिकटों की कीमत 1000 और 2000 रुपये थी।
प्रसाद ने कहा, 'वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के दौरान एक भी टिकट नहीं बचा था। यह बारिश से प्रभावित मैच रहा था और मैच के पूरे 50 ओवर देखने को भी नहीं मिले थे, फिर भी स्टेडियम लोगों से भरा था। देखा जाए तो ईडन गार्डन्स को छोड़कर इस पूरी श्रृंखला में काफी कम दर्शक मैच देखने पहुंचे। कोलकाता में 55000 लोगों ने मैच देखा था। गुवाहाटी में काफी संख्या में लोग मैच देखने पहुंचते हैं, लेकिन वहां भी स्टेडियम पूरा नहीं भरा था। गुवाहाटी का बारसापारा स्टेडियम 38000 दर्शकों की क्षमता वाला है, जिसमें 25000 दर्शक पहुंचे थे।
क्या सच में वनडे क्रिकेट मर रहा?
पिछले साल इंग्लिश क्रिकेटर बेन स्टोक्स ने वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा था, तब से ही 50 ओवर्स के इस फॉर्मेट को लेकर बहस छिड़ी हुई है। टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने द्विपक्षीय सीरीज को कम करने की मांग की थी। वहीं पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने कहा था वनडे क्रिकेट को अब पूरी तरह से समाप्त कर देना चाहिए।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि वनडे क्रिकेट की लोकप्रियता घटी है। दर्शकों के साथ-साथ खिलाड़ियों की दिलचस्पी टी20 क्रिकेट में ज्यादा दिखाई देती है। टी20 क्रिकेट लगभग चार घंटों में निपट जाता है, वहीं वनडे मुकाबला आठ-नौ घंटों में समाप्त होता है। इस साल भारत में वनडे विश्व कप का आयोजन होना है, जो इस फॉर्मेट के भविष्य के लिए काफी अहम होगा। उम्मीद है कि ODI विश्व कप के जरिए वनडे क्रिकेट को संजीवनी मिलेगी। वैसे ICC को भी वनडे क्रिकेट को लेकर कदम उठाने होंगे ताकि इसकी लोकप्रियता बढ़ाई जाए।