भोपाल: हाईब्रिड शिक्षा में व्यक्ति और क्षेत्रपरक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उसके विस्तार की असीम संभावनाएं हैं। ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म और संस्था में शिक्षा के समन्वित स्वरूप हाईब्रिड शिक्षा के नए आयामों के बेहतर उपयोग पर विचार करना जरूरी है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों के संगठन सहोदय के 27वें दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही।
■ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान कोरोना ने हमारे जीवन जीने का ढंग बदल दिया है। पढ़ाई-लिखाई से लेकर काम के तरीके और मनोरंजन के साधन सब बदल गए हैं। हाईब्रिड शिक्षा आपदा से मिला अवसर है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पहुँचविहीन क्षेत्रों के वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने की चुनौतियों के समाधान हाईब्रिड शिक्षा में खोजे जाने चाहिए। वचित वर्गों और क्षेत्रों के छात्रों के लिए वर्चुअल रियलिटी के द्वारा शिक्षण की व्यवस्था की पहल की जानी चाहिए। वंचित वर्गों को शिक्षा के नए अवसर दिलाने और
निवेश बढ़ाने के प्रयास भी जरूरी :
वैश्विक अर्थ-व्यवस्था की समझ विकसित करना जरूरी: राज्यपाल पटेल ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में रोजगार की संभावनाओं के दृष्टिगत शिक्षा में कौशल उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाना समय की मांग है। छात्र-छात्राओं में देश के वृहत्तर आर्थिक संदर्भों और वैश्विक अर्थ-व्यवस्था की समझ विकसित करना जरूरी है। पाठ्यक्रमों में सामाजिक व्यवहार और नेतृत्व क्षमता संबंधी कौशल को भी शिक्षा का अंग बनाया जाना आवश्यक है। पाठ्यक्रम में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विषय-सामग्री को शामिल किया जाए जो विद्यार्थियों को हमारी गौरवशाली संस्कृति की विविधता में एकता को देखने का समग्र प्रदान करें।