जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने एक महिला कर्मचारी की हत्या कर दी है। महिला कुलगाम में एक शिक्षिका थी और 1990 में उसके प्रवास के बाद उसे पीएम रोजगार पैकेज के तहत कश्मीर में फिर से नियुक्त किया गया था।
कथित तौर पर अज्ञात हमलावरों ने उनकी स्कूल के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी, जो मंगलवार सुबह स्कूल में घुसकर उनका नाम पूछ रहे थे, जिसके बाद उन्हें कुलगाम के जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक शिक्षिका की पहचान सांबा निवासी रजनी नाम की महिला के रूप में हुई है।
#KulgamTerrorIncidentUpdate: Injured lady teacher, a #Hindu & resident of Samba (Jammu division) #succumbed to her injuries. #Terrorists involved in this #gruesome #terror crime will be soon identified & neutralised.@JmuKmrPolice https://t.co/8rZR3dMmLY
— Kashmir Zone Police (@KashmirPolice) May 31, 2022
कश्मीर जोन पुलिस के एक बयान के अनुसार, आतंकवादियों ने मंगलवार सुबह कुलगाम के गोपालपुरा इलाके में हाई स्कूल की एक महिला शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली लगाने के बाद महिला को कुलगाम जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। हमलावर मौके से भागने में सफल रहे।
इलाके में सुरक्षा बलों का बड़ा तलाशी अभियान-
घटना के बाद, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। ऐसे में कुलगाम जिला अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है। इसे ध्यान में रखते हुए यहां सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल-
कुलगाम की घटना ने एक बार फिर घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस महिला को आतंकियों ने गोली मारी, उसे पीएम विशेष रोजगार पैकेज पर घाटी भेजा गया था। कश्मीर में तैनात महिला का परिवार 1990 में घाटी से पलायन कर गया था।
राहुल भट्ट की 12 मई को हुई थी हत्या-
एक ही महीने में यह सरकारी कर्मचारी की दूसरी हत्या है। इससे पहले आतंकियों ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में राहुल भट नाम के एक कर्मचारी की हत्या कर दी थी। इसी महीने की 12 तारीख को बडगाम के चादुरा तालुका में आतंकियों ने राहुल भट्ट की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस घटना में राहुल की जान चली गई। घटना के बाद कश्मीर में पीएम के विशेष रोजगार पैकेज के तहत भर्ती हुए कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए सामूहिक इस्तीफे देने की घोषणा कर दी है। इसके अलावा सभी ने सुरक्षा की भी मांग उठाई।