Shreekrishna Janamastami 2024: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्‍जैन के ज्‍योतिर्लिंग महाकालेश्‍वर मंदिर में भाद्र मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि पर सोमवार सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए।

सबसे पहले महाकालेश्वर का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक और पूजा की गई। बाबा महाकाल की पहली आरती भस्म आरती थी।

महाकाल मंदिर के पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों की पूजा की। इसके बाद पुन: भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। 

जन्माष्टमी के अवसर पर भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का श्रीकृष्ण रूप में श्रृंगार किया गया। महाकाल के मस्तक पर मोर पंख, भांग, चंदन और फूलों से कृष्ण रूप में अद्भुत श्रृंगार किया गया।

भगवान महाकाल ने शेषनाग का चांदी का मुकुट, चांदी का मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित फूलों से बनी फूलों की माला धारण की।

सोमवार 26 अगस्त 2024 को जन्माष्टमी के मौके पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भस्म आरती के दर्शन का लाभ उठाया।

नंदी महाराज के दर्शन करने के बाद यहां पहुंचे श्रदधालुओं ने उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कही और उनकी पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। आरती के बाद मंदिर में श्यामला महाकाल, जय महाकाल, जय-जय महाकाल के जयकारे गूंज उठे।