एकतरफा प्यार में आरोपी शाहरुख़ द्वारा जिंदा जलाई गई युवती अंकिता की मौत से झारखंड सुलग गया है। सोमवार सुबह अंकिता के अंतिम संस्कार के समय  लोगों के गुस्से को देखते कड़े इंतज़ाम किए गए थे। अंकिता की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दुमका बंद का आह्वान किया है। आक्रोशित लोग आरोपी शाहरुख को फांसी देने की मांग कर रहे हैं।

रविवार की सुबह जब उसके मौत की खबर आने के बाद से ही दुमका में तनाव की स्थिति थी। इलाके की सभी दुकानें और बाजार बंद कर दिए गए। गुस्साए लोग सड़कों पर उतर गए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 

वहीं प्रदर्शनकारियों ने दुमका-भागलपुर रोड को पर विरोध प्रदर्शन किया जिसकी वजह से यहां  घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहीं।  

इस विरोध प्रदर्शन में वीएचपी, बजरंग दल, भाजपा के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों ने बाजार भी बंद कराया। स्थिति ज़्यादा खराब होते देखकर प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है। सोमवार की सुबह भी हालात जस के तस रहे ।  

गौरतलब है, कि 5 दिनों के संघर्ष के बाद अंकिता ने रांची के रिम्स में दम तोड़ दिया। उसने देर रात शनिवार को अंतिम सांस ली। 

 23 अगस्त को अंकिता दुमका के जरुवाडीह मोहल्ले में अंकिता अपने घर में सोई हुई थी। तभी लगभग 5 बजे पड़ोस के शाहरुख हुसैन ने खिड़की से उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। परिजन उसे दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद अंकिता को  रिम्स रेफर कर दिया था। 

आरोपी दो साल से अंकिता को परेशान कर रहा था शाहरुख से, तंग आकर अंकिता ने स्कूल जाना तक छोड़ दिया था। 

अंकिता का हत्यारोपी शाहरुख उससे एकतरफा प्यार करता था। वह न केवल बार-बार फोन कर अंकित को परेशान करता था बल्कि स्कूल जाने के रास्ते में पीछा कर छेड़खानी करने का प्रयास करता था।