महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के ऐलान के साथ ही राज्य में भाजपा सरकार बनने का रास्ता साफ़ हो गया। अब नई सरकार के लिए भाजपा में बैठकों का दौर चल रहा है। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उद्धव सरकार की विदाई के साथ ही यह चर्चा चल पड़ी है कि अब अगला नंबर झारखंड सरकार का होगा। सियासी घटनाक्रम और बयान भी कुछ ऐसे संकेत दे रहे हैं। 

झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है और यहां भी कांग्रेस विधायकों की नाराजगी  सामने आ चुकी है। एक बार कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने जैसा घटनाक्रम भी सामने आ चुका है। ऐसे में सरकार की स्थिरता पर सवाल पहले से उठते रहे हैं। झारखंड विधानसभा में अभी जेएमएम के पास 30 सीट और भाजपा के पास 25 सीट हैं। वहीं जेएमएम की सहयोगी कांग्रेस के 16 विधायक हैं। 

महाराष्ट्र के घटनाक्रम के बाद गुरुवार सुबह से ही ट्विटर पर #chanakya टॉप ट्रेंडिंग में है इस हैशटैग के साथ यह कहा जा रहा है कि अब झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर खतरा गहरा गया है। सोशल मीडिया पर भी यह कयास  लगाए जा रहे हैं-

दूसरी ओर राजनीतिक घटनाक्रम भी झारखंड में सियासी सरगर्मी पैदा कर रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव के लिए हेमंत सोरेन हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की बात कह चुके हैं जबकि उनकी सहयोगी कांग्रेस विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के समर्थन  का ऐलान कर चुकी है। 

ऐसे में गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठना लाजिमी भी है। दूसरी हो पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शुभेंदु अधिकारी दो दिन पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि महाराष्ट्र के बाद अगला नंबर झारखंड सरकार का होगा। ऐसे में सोशल मीडिया पर झारखंड सरकार को लेकर सवाल उठने भी स्वाभाविक हैं।