गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को सोमवार को असम की कोकराझार अदालत ने जमानत दे दी। मेवानी को रविवार देर रात अचानक गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि आज जमानत मिलने के बाद एक अन्य मामले में मेवानी को फ़िर से गिरफ्तार कर लिया गया है।

मेवानी को दोबारा गिरफ्तार कर कोकराझार जिले से बरपेटा ले जाया जा रहा है। जो कोकराझार से 3 किलोमीटर दूर है। पुलिस का कहना है कि, एक मामले में जमानत मिलने के बाद, मेवानी को अधिकारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है।

इस संबंध में जिग्नेश के वकील अंगशुमान बोरा ने कहा कि, जिग्नेश मेवानी को विवादित ट्वीट मामले में कोर्ट ने जमानत दे दी है। एफआईआर के मुताबिक मेवानी ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ़ आपत्तिजनक ट्विट किया था। मामले में जमानत मिलने के बाद मेवानी जैसे ही कोर्ट से बाहर निकले, बरपेटा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मेवानी को अपने साथ ले गई है। कोर्ट में पेश करने के बाद जमानत के लिए आवेदन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ट्वीट करने पर मेवानी के खिलाफ पहला मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद मेवानी को बुधवार देर रात गुजरात से गिरफ्तार कर लिया गया। मेवानी 3 दिन की पुलिस हिरासत में थे। रविवार को कोकराझार की एक अदालत ने मेवानी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

उल्लेखनीय है कि मेवानी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने उनके समर्थन में धरना दिया था। रविवार को असम कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोरा और विधायक दिगंता बर्मन के साथ-साथ एस.के राशिद ने पार्टी कार्यालय से कोकराझार पुलिस स्टेशन तक मौन मार्च निकाला था।