गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी की जमानत अर्जी पर आज असम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें जिग्नेश मेवानी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई है। पहले यह बताया गया कि बनासकांठा के वडगाम निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी की जमानत याचिका को असम की कोकराझार जिला अदालत ने खारिज कर दिया है।
लेकिन बाद में उनके वकील ने बताया कि उन्हें जमानत दे दी गई है। इससे पहले रविवार को अदालत ने जिग्नेश मेवानी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आज सोमवार सुबह उनकी जमानत पर सुनवाई हुई, जिसे कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
जानिए क्या था पूरा मामला:
कोकराझार कोर्ट ने जिग्नेश मेवानी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। गुजरात से विधायक और दलित नेता को असम पुलिस ने बुधवार रात 11:30 बजे पालनपुर सर्किट हाउस से गिरफ्तार किया था। जहां से उन्हें असम ले जाया गया। असम पुलिस ने एक ट्वीट मामले में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मेवानी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
खास बात यह है कि विधायक ने अपने ट्वीट में दावा किया कि गोडसे को भगवान मानने वाले प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति में शांति और सद्भाव की अपील करनी चाहिए। उपरोक्त ट्वीट्स के संदर्भ में, मेवानी के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 153 (ए) (दो समुदायों के खिलाफ शत्रुता को बढ़ावा देना), 295 (ए) और 504 के तहत मामला दर्ज किया गया है।