इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरूआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं।

लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को कंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद स्पेशल कोर्ट से तलाशी वारंट लेकर लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने सुबह 6 बजे से एक साथ तीन ठिकानों पर धावा बोल दिया।

कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई थी कि संयुक्त संचालक कंडवाल और उनके परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में अधिकारियों को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त टीम जब कंडवाल से जुड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जांच करने पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

2 मंजिला आलीशान जिम

 कंडवाल से जुड़े एमएस जिम सेंटर का संचालन दो मंजिला भव्य इमारत में हो रहा है। इस जिम में विदेश जैसी आधुनिक फिटनेस मशीनें, महंगे उपकरण और अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यह शहर के सबसे बड़े और प्रीमियम निजी जिमों में गिना जाता है।  इसके अलावा टीम ने जिस डिपार्टमेंटल स्टोर पर छापा मारा, वह भी किसी बड़े मॉल की तरह चल रहा था, जहां रोजमर्रा की चीजों का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है।

दस्तावेजों की स्क्रूटनी जारी, बड़े खुलासे की उम्मीद

जानकारी के मुताबिक, बेनामी संपत्ति, जमीनों के कागजात और सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर में लगाए गए करोड़ों रुपयों के निवेश का असली स्रोत पता लगाया जा रहा है। लोकायुक्त अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की पूरी पड़ताल के बाद संपत्ति का यह आंकड़ा अभी और कई गुना बढ़ सकता है। फिलहाल कार्रवाई जारी है।