लहार क्षेत्र के नानपुरा गांव के 32 वर्षीय सतीश का पुत्र श्री राम बिरथर किसान है। परिवार वाले सतीश के लिए रिश्ते की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के बावली नदीगांव निवासी शालिग्राम दुबे से हुई।

शालिग्राम और पप्पू तिवारी नाम का युवक सतीश और उसके परिवार वालों को टीकमगढ़ जिले के पलेवा गांव ले गया। यहां युवती शादी के लिए तैयार थी। सतीश को लड़की पसंद आई। शादी पक्की हो गई। यहां सगाई की रस्म अदा की गई। फल, मिठाई, कपड़े और सोने और चांदी के आभूषण भी दिए गए। शालिग्राम ने शादी के लिए 5 लाख रुपये लिए थे।

शादी की तारीख 2 मई तय की गई थी। लड़की के परिवार वालों को शादी के लिए दाबोह इलाके के रेहकोला माता मंदिर में आना था। लड़कों ने शादी की व्यवस्था की। यहां रहने और खाने की व्यवस्था की गई। लड़कों ने गाँव के गलियारे में भी भोजन परोसा।

सतीश 2 मई को बारात लेकर दबोह पहुंचे। यहां दिन भर दुल्हन का इंतजार हुआ । फोन पर शालिग्राम और पप्पू तिवारी चंद मिनटों में आने की बात करते रहे। दोपहर 2 बजे के बाद फोन बंद हो गया। इसके बाद थाने में रिपोर्ट लिखाई गयी|