केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों द्वारा एक लकवाग्रस्त बच्चे को रांची हवाई अड्डे पर विमान में चढ़ने से रोकने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सिंधिया ने सोमवार को इस मामले को उठाया और अपनी नाराजगी जताई।

सिंधिया ने मामले को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी को भी ऐसी स्थिति से नहीं गुजरना चाहिए। मेरी निगरानी में मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने खुद इंडिगो एयरलाइंस से मामले की रिपोर्ट देने को कहा है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों के खिलाफ जांच का आदेश दिया।

दूसरी ओर, एयरलाइंस ने घटना पर कहा, विमान में अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए, लकवाग्रस्त बच्चा 7 मई को अपने माता-पिता के साथ यात्रा नहीं कर सका। एयरलाइन ने अपने बचाव में तर्क दिया कि बच्चा अंदर रो रहा था। हालांकि ग्राउंड स्टाफ ने बच्चे के शांत होने के लिए आखिरी मिनट तक इंतजार किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

एयरलाइंस के मैनेजर ने मनीषा गुप्ता के फेसबुक पोस्ट के जवाब में कहा, 'मनीषा गुप्ता जी यह वहीं महिला है जो उस वक्त प्लेन में सबसे ज्यादा बड़बड़ा रही थीं और दूसरे यात्रियों को बता रही थीं कि यह बच्चा काबू से बाहर है। एयरलाइंस ने इसके बाद परिवार को कंपनी द्वारा होटल में रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई, और अगले दिन उनके गंतव्य के लिए उड़ान की भी व्यवस्था कराई गई।