भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी है. दोनों ही जिम्मेदारियों को लेकर कांग्रेस के नेता समय-समय पर आपत्ति दर्ज कराते रहे हैं. इसके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष दोनों पदों पर कमलनाथ बिराजे हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कमलनाथ तंज कसा. मुख्यमंत्री चौहान ने सदन में दो सवाल दागे. नेता प्रतिपक्ष कौन है? नेता प्रतिपक्ष छिंदवाड़ा में क्या कर रहे हैं? दुनिया का बोझ अकेले क्यों उठा रहे हैं? उसे बांट दें.
विधानसभा के बजट सत्र सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्यपाल अभिभाषण पर सदन में प्रस्तुत कृतज्ञता प्रस्ताव पर बोल रहे थे. मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत ही कमलनाथ से शुरू की. कमलनाथ को लेकर 5 मिनट तक भाषण देते रहे. सत्ता पक्ष के विधायक मुस्कुराते रहे और विपक्ष मूकदर्शक बना रहा. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि राज्यपाल के अभिभाषण में नेता प्रतिपक्ष ने भाग नहीं लिया. जबकि हुए सीएम रह चुके हैं. 1980 से संसद के सदस्य केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. उनके पास काम का अधिक बोझ है. वे नेता प्रतिपक्ष भी हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का दायित्व संभाल रहे हैं. सारी दुनिया का बोझ उन पर है पर वे यह बोझ बांट क्यों नहीं देते. यहां डॉ गोविंद सिंह बैठे हैं, उन्हें ही नेता- प्रतिपक्ष बना दे. शिवराज सिंह के यह कहते ही कमलनाथ के किचन केबिनेट पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने टोका-टाकी की.