भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सर्वे कराने का बयान अब कांग्रेस के माथे पड़ गया है. सर्वे के नाम पर कांग्रेस कतिपय नेता वसूली अभियान से जुड़ गए हैं. इसकी शिकायत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ तक पहुंची तो उन्हें बैकफुट पर आना पड़ा.

बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि कांग्रेस के सर्वे के नाम पर कई लोग घूम रहे हैं और वसूली कर रहे हैं. इस तरह की शिकायतें आ रही हैं. कांग्रेसजनों से कमलनाथ ने इस तरह के लोगों से सावधान रहने के लिए कहा है. कमलनाथ ने कहा है कि एक बार फिर कहा है कि पार्टी कोई सर्वे नहीं करा रही है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा में यह स्वीकार किया कि उन्हें शिकायतें मिल रही हैं कि सर्वे के नाम पर लोग वसूली कर रहे हैं गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने एक बार फिर दोहराया है कि पीसीसी या हाईकमान टिकट वितरण के लिए किसी तरह का सर्वे नहीं करा रही है.

ऐसे लोग फर्जी हैं उन से सावधान रहें. गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व तक कांग्रेस नेताओं को यह कहा जा रहा था कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट सर्वे के आधार पर दिया जाएगा. मगर कुछ समय से पार्टी नेता सर्वे से मना करने में लगे हैं.

कांग्रेस कार्यालय में पचौरी का बढ़ता दबदबा-

प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कार्य विभाजन कर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी के दबदबे को और बढ़ा दिया है. पचोरी समर्थक राजीव सिंह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सबसे ताकतवर नेता के रूप में उभरे हैं. जबकि कमलनाथ ने अपने ही खास सिपहसलार चंद्र प्रभाष शेखर के पर कतर दिए हैं. तीन दशक से भी अधिक समय से साथ दे रहे शेखर का रुतबा कम होने पर बड़े दुखी से हैं. यहां तक कि उन्हें तीसरी मंजिल से पहली मंजिल में बैठने के लिए नसीहत भी दे दी गई है.