पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद मध्यप्रदेश में राजनीतिक हलचलें हैं। इधर विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र के पांचवें दिन आज सदन की कार्यवाही से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, इसमें विस अध्यक्ष गिरीश गौतम, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री नरोत्तम मिश्रा व कांग्रेस विधायक डा. गोविंद सिंह, डा. एन. पी. प्रजापति शामिल हुए। प्रश्न काल में कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेदा ने विवि में रिक्त पदों का मुद्दा उठाया और सरकार से जबाव मांगा।

इधर मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज किया कि उप्र समेत पांचों राज्यों में कांग्रेस की करारी हार से लगता है कि मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के घर-घर चलो अभियान को उनकी ही पार्टी ने खूब आत्मसात किया है, इसलिए पांचों राज्यों में कांग्रेस घर बैठ गई है तथा कमलनाथ भी समझदार हैं, इसलिए दो दिन पहले ही घर (दिल्ली) चले गये हैं।

उप्र न छोड़े मुनव्वर

मशहूर शायर मुनव्वर राणा को उप्र  नहीं छोड़ने की सलाह देते हुए नरोत्तम ने कहा कि वे बेहतरीन शायर हैं और उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल होना चाहिये। वे आराम से उप्र में रहे क्योंकि रामराज्य में सभी को जगह होती है।

कांग्रेस में नसीहतों का दौर

पांच राज्यों में कांग्रेस की दुर्गर्ति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिकिगवजय सिंह बेटे और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा है कि सभी नेताओं को जमीन पर जुटना होगा। इन्हें अब आठ घण्टे की जगह 16 से 18 घण्टे काम करने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं को भी जमीन पर काम करने की जरूरत है।