मप्र में सियासी टकराव चुनाव के आठ महीने पहले ही शिखर की ओर है। कमलनाथ द्वारा मप्र को मदिरा प्रदेश बनाने के आरोप पर गुरुवार को सीएम शिवराज ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ लगातार मध्यप्रदेश का अपमान कर रहे है। वे कह रहे हैं कि एमपी का मतलब मदिरा प्रदेश है।
शिवराज ने कहा कि कमलनाथ को शर्म आनी चाहिए, ये प्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता का अपमान है। कमलनाथ जी को मध्यप्रदेश की माटी से, यहां के संस्कारों से, यहां की संस्कृति से, लगाव नहीं है। वो जहां की जड़ों से नहीं जुड़े हैं। वो मध्यप्रदेश को मदिरा प्रदेश कह रहे हैं, यह मध्यप्रदेश का अपमान है। यह मध्यप्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता का अपमान है। यह मध्य प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं का अपमान है।
CM शिवराज ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश के भोले-भाले लोग मेहनती, ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्त हैं। आप उनका अपमान कर रहे हैं। मध्य प्रदेश की जनता को ऐसे आहत मत कीजिए। आप का विरोध हमसे है तो आप हमें गाली दीजिए लेकिन हम मध्य प्रदेश का अपमान सहन नहीं करेंगे।
आबकारी नीति को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अगर आबकारी नीति बनाई है। तो जन भावनाओं को देखते हुए बनाई है। माताओं बहनों के सम्मान को देखते हुए बनाई है। नशे को हतोत्साहित करने के लिए बनाई है।
आपने उस समय फैसला किया था शराब ठेकेदार, उप दुकान खोल सकेंगे। उसकी राशि तय कर दी थी कितने करोड़ देकर उप दुकान खोल लेंगे। लाइसेंस के नियम को आसान करने की नीति कमलनाथ सरकार ने बनाई थी। आपने ऑनलाइन शराब बिकेगी, महिलाओं बहनों के लिए अलग से शराब की दुकान होंगी।आप की नीति बनती थी तो ठेकेदारों के लिए बनती थी। दवाब में बनती थी उनके हिसाब से बनती थी।