कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। ऐसी ही एक तस्वीर राजस्थान के करौली में हुई हिंसा के बीच सामने आई है। आग की लपटों के बीच कांस्टेबल के कंधे पर एक मासूम बच्चा है। यह एक तस्वीर ही पूरी कहानी बनाती है। एक कांस्टेबल ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक मासूम बच्चे समेत 3 लोगों को आग और हिंसा से प्रभावित इलाके से बचाया। हर कोई इस तस्वीर की तारीफ कर रहा है।
मानवता जात - पात, रंग, धर्म - मजहब नहीं देखती, वो इंसान देखती है। मैं करौली कोतवाली के कांस्टेबल श्री नेत्रेश शर्मा जी के साहस की हृदय से सराहना करता हूं।
— Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) April 4, 2022
आपने चार अनमोल जिंदगियां ही नहीं बचाई, मानवीय संवेदना की रक्षा भी की है। आप सम्मान और पदोन्नति के हकदार हैं।#Rajasthan pic.twitter.com/wIMocy6Q61
राजस्थान के करौली में एक रैली के दौरान हिंसा भड़क गई। इस दौरान हमले और आगजनी भी हुई। सोशल मीडिया पर हर कोई हिंसा के बीच हिम्मत दिखाने वाले पुलिसकर्मी की तारीफ कर रहा है। पुलिसकर्मी ने आग की घटना के दौरान एक मासूम बच्चे समेत 3 लोगों की जान बचाई। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कांस्टेबल को बुलाकर उसकी तारीफ की है। साथ ही प्रमोशन का तोहफा भी दिया। साथ ही राजस्थान सरकार ने उन्हें कॉन्स्टेबल से हेड कॉन्स्टेबल बना दिया है।
करौली में अपना कर्तव्य निभाते हुए 4 लोगों की जान बचाने वाले कांस्टेबल श्री नेत्रेश शर्मा से फोन पर बात कर उन्हें शाबासी दी। श्री नेत्रेश को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय किया है। अपनी जान की परवाह ना कर कर्तव्य निभाने वाले श्री नेत्रेश का कार्य प्रशंसनीय है। pic.twitter.com/3p4ekYNYhn
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 4, 2022
पुलिस वाला कौन है ?
राजस्थान के करौली में हिंसा भड़क गई। असामाजिक तत्वों ने दुकानों में आग लगा दी। हर तरफ आग की लपटें नज़र आ रही थीं। हिंसा और आग की चपेट में आई कोट इलाके की एक दुकान में एक मासूम बच्चे समेत 3 लोग फंस गए। आग़ की लपटों के बीच सभी लोग डरे-सहमे नज़र आ रहे थे।
हिंसा के बीच करौली नगर चौकी पर तैनात कॉन्स्टेबल नेत्रेश शर्मा मसीहा के रूप में आया था। कांस्टेबल ने अपनी जान जोखिम में डालकर सभी को बचाने का फैसला किया। नेत्रेश ने मासूम बच्चें को महिलाओं के दुपट्टे से ढँक दिया और उसे अपने कंधों पर उठा लिया और आग की लपटों से बाहर निकल लाये।
जलती हुई दुकानों के बीच, कांस्टेबल नेत्रेश ने अपनी जान जोखिम में डाले बिना मासूम बच्चें सहित सभी को बचाया। इस तस्वीर को देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई फिल्मी सीन हो..! जहां हीरो को किसी को बचाते हुए दिखाया गया हो। लेकिन कांस्टेबल नेत्रेश ने जो किया वह वास्तविक जीवन की एक ज्वलंत तस्वीर है। यही वजह है कि इस फोटो को देखकर हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है।