हिजाब की मांग करने वालों को कर्नाटक हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने मामले में फैसला आने तक स्कूल-कॉलेजों के धार्मिक पोशाक पहनने पर रोक लगा दी है और कहा है कि सभी शिक्षण संस्थान खोले जा सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार दोपहर 2.30 बजे होगी। कर्नाटक में हिजाब को लेकर राज्य में तनाव है। पूरे विवाद की सुनवाई कर्नाटक हाईकोर्ट की बड़ी बेंच में हो रही है। कर्नाटक उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम काजी की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब तक कोर्ट मामले का फैसला न कर दे, छात्रों को हिजाब पहनने की जिद नहीं करनी चाहिए।
#HijabRow: Karnataka HC says it will pass an order directing reopening of colleges, asks students not to insist on wearing such religious things till the disposal of the matter
— ANI (@ANI) February 10, 2022
Court says peace & tranquillity must be restored, adjourns the matter for Monday pic.twitter.com/PdtaAvED4n
सुनवाई के दौरान कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मीडिया से अपील की कि अदालत के आदेश को देखे बिना चर्चा के दौरान अदालत द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी की रिपोर्ट न करें। कोर्ट ने कहा, आदेश पूरा होने तक सोशल मीडिया, अखबार या कहीं भी रिपोर्ट न करें। इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश संजय हेगड़े ने कहा था कि कर्नाटक शिक्षा कानून में पोशाक को लेकर कोई विशेष प्रावधान नहीं है। मामले की सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, 'हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या हिजाब पहनना मौलिक अधिकार है।
याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने कहा कि पहले के समय में केवल स्कूलों तक ही पोशाक सीमित थी, कॉलेजों के लिए पोशाक बहुत बाद में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक शिक्षा अधिनियम में यूनिफॉर्म कोड को लेकर सजा का कोई प्रावधान नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने पुलिस को छात्रों के साथ व्यवहार में पूरी तरह से संयम के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है। छात्रों से अपील की गई है कि वे साम्प्रदायिक तत्वों के झांसे में न आएं। कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि कुछ लोग हिजाब विवाद को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी मीडिया को इस मुद्दे पर अपनी ओर से कोई रिपोर्ट देने से रोक दिया है। उन्होंने मीडिया से मामले में अंतिम आदेश का इंतजार करने को कहा है।
इससे पहले हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। जस्टिस कृष्णा दीक्षित की सिंगल बेंच ने पूरे मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, 'इस पर हमने जो शोध किया है वह सीमित है। एक प्रश्न उठता है कि क्या हिजाब पहनने के अधिकार का वर्तमान दावा आवश्यक धार्मिक प्रथा के अंतर्गत आता है। अब यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है और सभी की नजर कोर्ट के फैसले पर है।