खंडवा समाचार : 558 दिनों से नर्मदा के जल पर जीवित रहने वाले नर्मदा मिशन के संस्थापक भैयाजी सरकार की तबीयत खराब हो गई है। उन्हें अवस्थी चौराहा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है..!

शुक्रवार को श्री दादाजी के दरबार में भैयाजी सरकार अचानक बीमार पड़ गए और समाजसेवियों के सहयोग से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले उन्हें तबीयत खराब होने पर नर्मदापुरम के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भैयाजी सरकार मां नर्मदा, गाय वंश और प्रकृति पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपवास और सत्याग्रह कर एक मिशन चला रहे हैं। ध्यान रहे कि नर्मदा नदी के जलग्रहण क्षेत्र को बचाने और उसे जीवित नदी का दर्जा देने के लिए भैयाजी सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। भैयाजी का कहना है कि नदी तट से 300 मीटर के दायरे में निर्माण पर प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। आज भी कई जिलों में नर्मदा नदी में नालों का गंदा पानी बह रहा है। यदि नर्मदा को जीवित रखना है तो उसके प्राण (हरित) क्षेत्र की रक्षा के लिए कदम उठाने होंगे। नर्मदा का जलस्तर लगातार गिर रहा है। वह दिन आएगा जब नर्मदा में पानी नहीं होगा, बस नाम होगा। भैयाजी सरकार की मांग है कि नर्मदा को जीवित नदी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन कर नर्मदा को छीना जा रहा है। मशीनों से बालू खनन पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। नर्मदा के तलघर में पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाई जाए और पूजा के नाम पर नर्मदा में पूजा सामग्री डालकर उसे प्रदूषित न किया जाए।