Lok Sabha Election 2024: देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय G-20 शिखर सम्मेलन के समापन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र पर निशाना साधा हैं. उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर (X) पर पोस्ट में लिखा, 2024 में आपकी विदाई का रास्ता जनता ने बनाना शुरू कर दिया है.
महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे से लेकर मणिपुर तक का जिक्र करते हुए खड़गे ने लिखा, अब जब G20 की बैठक खत्म हो गई है, मोदी सरकार को घरेलु मुद्दों पर अपना ध्यान आकर्षित करना चाहिए. अगस्त में एक आम खाने की थाली का दाम 24% बढ़ गया है. देश में बेरोजगारी दर 8% है, युवाओं का भविष्य अंधकारमय है.
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर खड़गे ने केंद्र को घेरा-
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र को घेरते हुए खड़गे ने लिखा, मोदी सरकार के कुशासन में भ्रष्टाचार की बाढ़ आ गई है. CAG ने कई रिपोर्टों में बीजेपी की पोल खोली है. जम्मू-कश्मीर में 13,000 करोड़ रुपए का ‘जल जीवन घोटाला’ सामने आया है. जिसमें एक दलित IAS अधिकारी को इसलिए प्रताड़ित किया, क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार उजागर कर दिया.
उन्होंने आगे लिखा, प्रधानमंत्री के परम मित्र की लूट हाल ही में फिर सामने आई है. RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर, विरल आचार्य ने 2019 चुनाव के पहले RBI के ख़ज़ाने से मोदी सरकार को 3 लाख करोड़ ट्रांसफर करने के सरकारी दबाव का विरोध किया था, यह खुलासा अब सामने आया है.
मणिपुर से लेकर हिमाचल तक का किया जिक्र-
मणिपुर हिंसा से लेकर हिमाचल में आई आपदा पर मोदी सरकार को घेरते हुए खड़गे ने लिखा, मणिपुर में पिछले कुछ दिनों में फिर हिंसा हुई. हिमाचल प्रदेश में आपदा आई हुई है, पर अहंकारी मोदी सरकार उसको राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से बच रही हैं.
2024 में मोदी सरकार की विदाई- खड़गे
खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए लिखा, इन सब के बीच मोदी जी सच्चाई पर पर्दा डालने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं. पर जनता मोदी सरकार के ध्यान भटकाने वाले मुद्दों के बजाय सच सुनना और देखना चाहती है. ध्यान लगाकर सुन ले मोदी सरकार, 2024 में आपकी विदाई का रास्ता जनता ने बनाना शुरू कर दिया है.
23 की जीत से निकलेगा 2024 का रास्ता-
ख़ैर, लोकसभा चुनाव-2024 में जनता किसकी विदाई करेंगी, यह तो आने वाले समय या फिर जनता पर ही छोड़ दीजिये. लेकिन, हाँ उससे पहले कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के परिणाम ही राजनीतिक दलों को रास्ता ज़रूर दिखा देंगे. यानी कुल मिलाकर 23 की जीत ही 24 का रास्ता तय कर देगी.