पशुपतिनाथ अखाड़े की महामंडलेश्वर एवं प्रथम किन्नर भगवताचार्य हिमांगी सखी सावन के आखिरी सोमवार (8 अगस्त) को ज्ञानवापी में भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगी। हिमांगी सखी के मुताबिक़ उनके साथ किन्नरों का बड़ा जत्था भी होगा। उन्होंने जबलपुर में यह ऐलान किया।
महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने बताया कि जबलपुर से 20 किन्नरों और अन्य संतों का जत्था बनारस के लिए रवाना होगा और वृंदावन से भी 800 संत बनारस उनके साथ ही पहुंचेंगे। ये जत्था कांवड़ यात्रा निकालते हुए ज्ञानवापी परिसर पहुंचेंगे और सोमवार को अभिषेक करेंगे। उन्होंने चेताया कि अगर अभिषेक की अनुमति नहीं मिली तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने ये भी कहा कि इतने सालों से मुस्लिम समाज को वुजू करने का अधिकार है, तो क्या हम सावन में महादेव का अभिषेक भी नहीं कर सकते। महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने इससे पहले भी 12 जून को वृंदावन में विश्वेश्वर महादेव के जलाभिषेक करने की अनुमति मांगी थी। तब उन्हें कुछ लोगों से धमकी मिली थी।
जानिए कौन हैं हिमांगी सखी
महामंडलेश्वर हिमांगी सखी मूलत: मुंबई की रहने वाली हैं। माता-पिता के निधन और बहन की शादी के बाद वे वृंदावन चली गईं।वहीं गुरु की शरण में रहकर शास्त्रों का अध्ययन किया। फिर गुरु की आज्ञा पर धर्म का प्रचार-प्रसार करने वृंदावन छोड़कर मुंबई चली गईं। वहां उन्होंने फिल्मों में भी अभिनय भी किया, लेकिन उनका मन धर्म और आध्यात्म में ही रम गया। बाद में वे सब कुछ छोड़कर हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में जुट गईं। हिमांगी सखी को महामंडलेश्वर की उपाधि पशुपतिनाथ पीठ अखाड़े से मिली है। ये अखाड़ा नेपाल में है। 2019 के प्रयागराज कुंभ में नेपाल के गोदावरी धाम स्थित आदि शंकर कैलाश पीठ के आचार्य महामंडलेश्वर गौरीशंकर महाराज ने उन्हें पशुपतिनाथ पीठ की महामंडलेश्वर की उपाधि दी। अब तक महामंडलेश्वर हिमांगी सखी बैंकॉक, सिंगापुर, मॉरीशस, मुंबई, पटना आदि जगहों पर 50 से अधिक भागवत कथाओं का पाठ कर चुकी हैं।