धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति की स्थापना के बाद कुछ खास बातों का ध्यान रखना होता है। तभी भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और घर में शुभता का आगमन संभव होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को स्वाति नक्षत्र में हुआ था। हर साल गणपति उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 10 दिवसीय महापर्व गणेशोत्सव बुधवार 31 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। पहले दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणपति घर-घर विराजमान होंगे। वहीं, महोत्सव का समापन शुक्रवार 9 सितंबर को होगा। मान्यताओं के अनुसार गणपति की स्थापना के बाद कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। तभी भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और घर में शुभता का आगमन संभव होता है।
पूजा स्थल को साफ रखें
गणेश जी की मूर्ति को उत्तर दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है। इसे इस तरह स्थापित करें कि मूर्ति का मुख पश्चिम की ओर हो। जिस स्थान पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित हो उस स्थान की प्रतिदिन सफाई करें। ध्यान रहे कि कूड़ा-करकट आदि उस स्थान पर जमा न हो।
पूजा-आरती के दौरान मन को शुद्ध रखें
स्थापना के बाद भगवान गणेश की मूर्ति को इधर-उधर न रखें, अर्थात उसे न हिलाएं। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। सुबह-शाम भगवान गणेश के सामने दीपक जलाएं और होम करें और आरती करें। यह सब करते समय मन को शुद्ध रखें अर्थात मन में किसी प्रकार की कोई बुरी भावना नहीं होनी चाहिए।
तुलसी ना डालें
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री गणेश को तुलसी नहीं चढाना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रखें। भगवान गणेश की पूजा में हमेशा दूर्वा और ताजे फूल चढ़ाएं। इस प्रकार प्रतिदिन गणेश जी की पूजा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
शुद्धता का ध्यान रखें
स्थापना स्थल पर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें, अर्थात- कोई भी व्यक्ति चप्पल पहनकर स्थापना स्थल पर न जाए। किसी भी प्रकार का नशा करके स्थापना स्थल पर न जाएं, इससे स्थान की पवित्रता भंग होती है। चमड़े की बेल्ट या पर्स भी स्थापना स्थल के पास नहीं रखना चाहिए। इन बातों का विशेष ध्यान रखें।