Fodder Scam Case: चारा घोटाले के डोरंडा मामले में भी लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया है। मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया है। सजा की घोषणा अभी नहीं हुई है। सजा तीन साल से कम होने पर लालू को मिलेगी जमानत ऐसा नहीं करने पर लालू को हिरासत में लिया जाएगा। कोर्ट ने मामले में लालू यादव समेत 75 आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने इस मामले में छह महिलाओं समेत 24 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत इस मामले में 18 फरवरी को लालू और अन्य को दोषी ठहराएगी।
इस बीच कोर्ट का फैसला आते ही बाहर मौजूद राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं में निराशा फैल गई। कई नेता और कार्यकर्ता इस फ़ैसले से नाराज आए। सुनवाई और फैसले के दौरान लालू यादव की बेटी और सांसद मीसा भारती उनके साथ मौजूद थीं। लालू के साथ मामले के 98 अन्य आरोपियों को आज सजा सुनाई गई है। जज एसके शशि का फैसला सुनने के लिए लालू यादव सीबीआई कोर्ट में बैठे थे। कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई। सबसे पहले सभी आरोपियों को एक-एक कर तलब किया गया। अदालत ने उन सभी को फैसले में उपस्थित रहने को कहा था। अधिकांश आरोपियों की उम्र 75 वर्ष से अधिक है।
डोरंडा कोषागार से अवैध रूप से 139.35 करोड़ रुपये निकालने के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में फैसला सुनने के लिए लालू यादव रविवार को पटना से रांची आए थे। रांची पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर उनका जोरदार स्वागत किया। करोड़ों रुपये के चारा घोटाले से जुड़े पांच में से चार मामलों में लालू को अब तक दोषी ठहराया जा चुका है। चारा घोटाला मामले में देवगढ़, चाईबासा और रांची में डोरंडा कोषागार और दुमका मामलों में लालू को जमानत दी गई थी।
ऐसे हुआ चारा घोटाला -
1990-95 के दौरान, जब लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे, तब बिहार के खजाने से पशु चारा के नाम पर 950 करोड़ रुपये अवैध रूप से निकाले गए थे। 1996 में इसका पर्दाफाश हुआ और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, लालू प्रसाद मामले की चपेट में आ गए। लालू प्रसाद यादव झारखंड में चारा घोटाले के पांच मामलों में आरोपित थे। अब तक चार मामलों में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इन सभी मामलों में कोर्ट ने उन्हे दोषी करार दिया और सजा सुनाई। चारा घोटाले के सबसे बड़े और पांचवें मामले का आज फैसला हुआ है। मामला रांची के डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है।
इस मामले में शुरू में कुल 170 आरोपी थे, जिनमें से अब तक 55 की मौत हो चुकी है। मामले में सात आरोपी सरकारी गवाह बने। इस मामले के छह आरोपी अभी भी मैदान से बाहर हैं। सीबीआई की एक अदालत ने आज मामले में 99 आरोपियों के पक्ष में फैसला सुनाया। साथ ही लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया है।