सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान अब तक तीन मौत हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतकों में दो महिलाओं के साथ एक बच्चा भी शामिल है। शुक्रवार को तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। महाराष्ट्र के जलगांव से माता-पिता बच्चे को लेकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे।
रुद्राक्ष महोत्सव में जलगांव के विवेक विनोद भट्ट पत्नी और दो बेटों के साथ गुरुवार को आए थे। उनके 3 साल के बेटे की तबीयत खराब हाेने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
इससे पहले गुरुवार को अकोला और मालेगांव की एक एक महिला ने भी दम तोड़ दिया था। अकोला की रहने वाली 40 वर्षीय मंगला ने गुरुवार को बेहोश हो गईं थीं। जिला अस्पताल में देर रात उनकी मौत हो गई। वहीं मालेगांव निवासी महिला की मौत दोपहर में हुई थी।
दूसरी ओर अत्यधिक भक्तों के पहुंचने की वजह से रुद्राक्ष का वितरण भी शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है। इस बात का जिक्र पंडित मिश्रा ने पहले दिन की कथा के दौरान भी किया। कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष लेने के लिए जहां देशभर के कई कोने आए लोगों की भीड़ उमड़ी तो भोपाल से लेकर सीहोर तक गाड़ियों-लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़-भाड़ में कई लोग बीमार हो गए थे।
देशभर से आए अनुयायियों की भीड़ के कारण फिर अव्यवस्था फैल गई। ट्रेन, बस, अपने साधनों से लोग देशभर से भोपाल-सीहोर में पहुंचे और जो लोग ट्रेन-बसों से आए थे, उन्हें सीहोर कुबेरेश्वर धाम तक पहुंचने के लिए प्रति व्यक्ति 200 से 1000 रुपए तक का किराया देना पड़ा। ऑटो रिक्शा-लोडिंग वाहनों से लोग कुबेरेश्वर धाम पहुंचने के लिए भोपाल में लालघाटी के पास हलालपुर में खड़े प्रतीक्षा करते रहे। भोपाल-इंदौर के बीच कुबेरेश्वर धाम के रुद्राक्ष महोत्सव के कारण कई किलोमीटर का जाम लग गया है जिसमें हजारों वाहन फंस गए थे।