भोपाल: पन्ना की जनता को अगले 25 वर्ष तक बीजेपी सरकार के साथ रहने की सलाह देने वाले पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा की मुसीबतें बढ़ने लगी है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने पन्ना कलेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और सचिव केंद्रीय कार्मिक विभाग पत्र लिखा है।

"पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा"

सचिव केंद्रीय कार्मिक विभाग और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को लिखे पत्र में नेता प्रसिद्ध डॉक्टर गोविंद सिंह ने लिखा है कि 26 वर्ष के शासकीय सेवा के उपरांत भी पन्ना कलेक्टर द्वारा सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक मंच से पार्टी विशेष के पक्ष में उद्बोधन देना अत्यंत आपत्तिजनक है।

डॉ. सिंह ने अपने पत्र में अखिल भारतीय सिविल सेवा आचरण नियम 1968 के नियम 3(1) के अनुसार सिविल सेवा के प्रत्येक सदस्य को राजनीतिक तटस्थता का पालन करना बाध्यकारी है। सिविल सेवकों को न केवल राजनीतिक तटस्थता पालन करना चाहिए बल्कि यह उनके आचरण में जन सामान्य को दर्शित भी होना चाहिए।

इसी प्रकार नियम 5(1) (4) के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा का कोई भी अधिकारी किसी भी प्रकार के राजनीतिक कार्यक्रमों एवं गतिविधियों में किसी भी स्वरूप मैं भाग नहीं ले सकता और ना ही किसी प्रकार से उन्हें सहायता कर सकता है।

इस संबंध में भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा भी 1969 में परिपत्र जारी कर निर्देश जारी किए गए थे कि सिविल सेवकों को राजनीतिक रूप से तटस्थ रहना देना चाहिए और इसका उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने सिविल सेवा नियमों का हवाला देते हुए पन्ना कलेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

विकास यात्रा के दौरान कलेक्टर ने दिया बयान-

जिला पन्ना के कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा वायरल वीडियो में पार्टी की ओर से की जा रही विकास यात्रा के दौरान अमानगंज में दिए उद्बोधन में कथन किया है कि प्रधानमंत्री कहते है कि आजादी का अमृत काल चल रहा है और शताब्दी 25 साल बाद मनाई जाएगी। यानी अगले 25 साल तक आपको इसी मेहनत से इस सरकार के साथ बने रहना है. किसी के भटकाने या भरमाने में आने की जरूरत नहीं है. हम ऐसे ही लोगों को सपोर्ट करने की जरूरत है।

हाईकोर्ट के जज भी कह चुके हैं एजेंट-

पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा के खिलाफ हाईकोर्ट के जज विवेक अग्रवाल ने जनपद पंचायत गुन्नौर पन्ना के उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन की प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका की सुनवाई करते हुए भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने की टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के साथ ही हाई कोर्ट के न्यायाधीश अग्रवाल ने मिश्रा को तत्काल कलेक्टर पद से हटाए जाने की सिफारिश भी की है। इसके बाद भी पन्ना कलेक्टर के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।