भोपाल: विदिशा वन मंडल के दक्षिण लटेरी की घटना के बाद मोर्चा संभालने आए रायसेन वन संरक्षक अजय कुमार पांडेय ने प्रभारी विदिशा वन संरक्षक की हैसियत से सीसीएफ भोपाल, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक विदिशा को अलग-अलग तीन पत्र लिखें है.

वन संरक्षक पांडेय ने अपने पत्र में उत्तर एवं दक्षिण लटेरी में सक्रिय अवैध कटाई रोकने और संगठित चोर गिरोह से निपटने के लिए विशेष सशस्त्र बल (एसएफएस) की दो कम्पनी की मांग की है. सीसीएफ को लिखे पत्र में पांडेय ने साफ कहा है कि सशस्त्र बल के बिना प्रभावित वन क्षेत्रों में गस्त करना नामुमकिन सा है. इसके साथ ही कलेक्टर और एसपी से संयुक्त अभियान चलाने की गुहार लगाई है.

लटेरी में 9 अगस्त को ही घटना के बाद डीएफओ राजवीर सिंह को हटाकर रायसेन के वन संरक्षक अजय कुमार पांडेय को विदिशा का मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई. वन कर्मचारियों के साथ बैठक करने के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से तालमेल बिठाकर संगठित चोर गिरोह से मुकाबला करने की रणनीति का ब्लू प्रिंट तैयार किया. इसी कड़ी में विदिशा के प्रभारी वन संरक्षक सीसीएफ भोपाल सर्किल को एक पत्र लिखकर कहा है कि बिना सशस्त्र बल के प्रभावित क्षेत्रों में मैदानी कर्मचारियों को भ्रमण करना असंभव सा प्रतीत होता है. परी क्षेत्र उत्तर एवं दक्षिण लटेरी में विशेष सशस्त्र बल (एसएफएस) एक-एक कम्पनी की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं.

उन्होंने अपने पत्र में यह भी जिक्र किया है कि 7 दिसंबर 2021 से 30 मई 2022 को भी सीसीएफ भोपाल को पत्र लिखकर विशेष सशस्त्र बल की 2 कम्पनी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी. पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि विदिशा वन मंडल में उप वनक्षेत्रपाल के 12, वनपाल के 21 और वनरक्षक के 19 पद रिक्त है, जिसे तत्काल भरा जाना चाहिए.

कलेक्टर और एसपी से संयुक्त अभियान चलाने की गुहार-

विदिशा के प्रभारी वन संरक्षक पांडेय ने 20 अगस्त 22 को एक पत्र कलेक्टर को लिखा है. कलेक्टर को लिखे पत्र में उल्लेख किया गया है कि वन परीक्षेत्र दक्षिण लटेरी में हुए वन स्टाफ पर हमले के बाद जंगलों की सुरक्षा में लगे वन कर्मचारियों का मनोबल टूटा है. इसके कारण अब भी टोका, अगरापठार, चमराकोंडल और बंदरसेना इत्यादि ग्रामों से लगे वन क्षेत्रों में भारी मात्रा से अवैध कटाई हो रही है.

कलेक्टर को लिखे पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संगठित वन अपराधी राजस्थान राज्य से जुड़े हैं. उनके पास बंदूके और अन्य हथियार भी है. ग्रामों से सटे संवेदनशील वन क्षेत्रों में राजस्व पुलिस एवं वन की संयुक्त टीम बनाकर गहन सर्च करने की आवश्यकता है. ताकि संगठित चोर गिरोह को विदिशा वन क्षेत्र से बाहर खदेड़ा जा सके. कमोबेश ऐसा ही पत्र विदिशा पुलिस अधीक्षक को लिखा गया है.

वनों की सुरक्षा में ग्रामीणों से मांगी मदद-

विदिशा के प्रभारी वन संरक्षक अजय पांडेय ने 21 अगस्त को टोका और कोटरा गांव का दौरा किया. वहां के ग्राम वासियों से चर्चा कर वनों की सुरक्षा में सहयोग देने के लिए यशपाल, कल्याण सिंह, थान सिंग, जगमोहन यादव और राजपाल को राजी किया.

वन संरक्षक ने गांव वालों को समझाया कि वन संपदा पर आपका हक है. इसे काट कर कोई बाहरी व्यक्ति ले जा रहा है. वनों की सुरक्षा तब तक नहीं हो सकती जब तक कि आप लोग आगे नहीं आते हैं. चर्चा के दौरान सिंगराम ने बताया कि सागौन की अवैध कटाई गुना और राजस्थान के लोग आकर कर रहे हैं. वह हथियार बंद है और उनका मुकाबला हम लोग नहीं कर सकते.