प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी, 2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर, मध्य प्रदेश में गोबर-धन (बायो-सीएनजी) प्लांट का उद्घाटन किया। जानकारी के अनुसार, यह एशिया के सबसे बड़े बायो सीएनजी प्लांट का हिस्सा बनने जा रहा हैं। साथ ही आज दोपहर 1 बजे पीएम मोदी ने इंदौर में नवनिर्मित गोबर-धन प्लांट का लोकार्पण किया। प्लांट के उद्घाटन से पहले मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पीएम मोदी जी की प्रेरणा से इंदौर ने 'waste to wealth' के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। हमें गर्व है कि गीले कचरे से सीएनजी बनाने वाले इस एशिया के सबसे बड़े गोबर-धन प्लांट का आज प्रधानमंत्री जी वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।

 

पीएम मोदी ने किया गोबर-धन बायो-सीएनजी प्लांट का उद्घाटन :

पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर, मध्य प्रदेश में गोबर-धन (बायो-सीएनजी) प्लांट का उद्घाटन करते हुए कहा कि, इंदौर का नाम आते ही सबसे पहले देवी अहिल्याबाई होल्कर, माहेश्वर और उनके सेवाभाव का ध्यान आता था। समय के साथ इंदौर बदला, ज्यादा अच्छे के लिए बदला, लेकिन देवी अहिल्या की प्रेरणा को खोने नहीं दिया। देवी अहिल्या के साथ ही आज इंदौर का नाम आते ही मन में आता है- स्वच्छता। इंदौर का नाम आते ही मन में आता है- नागरिक कर्तव्य। मुझे खुशी है कि काशी विश्वनाथ धाम में देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा रखी गई है। इंदौर के लोग जब बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने जाएंगे, तो उन्हें वहां देवी अहिल्याबाई की मूर्ति भी दिखेगी। आपको अपने शहर पर और गर्व होगा। 

75 बड़े नगर निकायों में बनेंगे Bio CNG Plant : 

पीएम मोदी ने कहा, शहर में घरों से निकला गीला कचरा हो, गांव में पशुओं-खेतों से मिला कचरा हो, ये सब एक तरह से गोबरधन ही है। शहर के कचरे और पशुधन से गोबरधन, फिर गोबरधन से स्वच्छ ईंधन, फिर स्वच्छ ईंधन से ऊर्जाधन, ये श्रंखला, जीवनधन का निर्माण करती है। आने वाले दो वर्षों में देश के 75 बड़े नगर निकायों में इस प्रकार के गोबरधन Bio CNG Plant बनाने पर काम किया जा रहा है। ये अभियान भारत के शहरों को स्वच्छ बनाने, प्रदूषण रहित बनाने, clean energy की दिशा में बहुत मदद करेगा। 

प्रदूषण से निपटने के लिए बनाई योजना :

पीएम ने कहा, किसी भी चुनौती से निपटने के दो तरीके होते हैं। पहला तरीका ये कि उस चुनौती का तात्कालिक समाधान कर दिया जाए। दूसरा ये होता है कि उस चुनौती से ऐसे निपटा जाए कि सभी को स्थाई समाधान मिले। बीते सात वर्षों में हमारी सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, वो स्थाई समाधान देने वाली होती हैं। देशभर के शहरों में लाखों टन कूड़ा, दशकों से ऐसी ही हजारों एकड़ ज़मीन घेरे हुए है। ये शहरों के लिए वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की भी बड़ी वजह है। इसलिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में इस समस्या से निपटने के लिए काम किया जा रहा है। 

स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण पर दिया जोर :

पीएम ने कहा, कितने ही लोग तो केवल ये देखने इंदौर आते हैं कि देखें, सफाई के लिए आपके यहां काम हुआ है। जहां स्वच्छता होती है, पर्यटन होता है, वहां पूरी एक नई अर्थव्यवस्था चल पड़ती है। सरकार का प्रयास है कि भारत के ज्यादा से ज्यादा शहर Water Plus बनें। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण पर जोर दिया जा रहा है। 7-8 साल पहले भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग 1-2 प्रतिशत ही हुआ करती थी। आज पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग का प्रतिशत, 8 परसेंट के आसपास पहुंच रहा है। बीते सात वर्षों में ब्लेंडिंग के लिए इथेनॉल की सप्लाई को भी बहुत ज्यादा बढ़ाया गया है।  

बिजली कारखानों में होगा पराली का उपयोग :

पीएम ने कहा, हमने इस बजट में पराली से जुड़ा एक अहम फैसला किया है। ये तय किया गया है कि कोयले से चलने वाले बिजली कारखानों में पराली का भी उपयोग किया जाएगा। इससे किसान की परेशानी तो दूर होगी ही, खेती के कचरे से किसान को अतिरिक्त आय भी मिलेगी। मैं इंदौर के साथ ही, देशभर के लाखों सफाई कर्मियों का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं। सर्दी हो, गर्मी हो, आप सुबह-सुबह निकल पड़ते हैं अपने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए..! कोरोना के इस मुश्किल समय में भी आपने जो सेवाभाव दिखाया है, उसने कितने ही लोगों का जीवन बचाने में मदद की है।