भोपाल: राज्य का लोक निर्माण विभाग वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में स्वीकृत एक हजार कार्यों जिनकी लागत 5500 करोड़ रुपये है, ही पूर्ण करेगा तथा नये प्रस्ताव भेजने पर रोक लगाई गई है। विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मण्डलोई ने सभी मुख्य अभियंताओं से कहा है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 का राज्य का बजट वित्त विभाग की वेबसाईट पर उपलब्ध है, जिसमें लोक निर्माण विभाग के लिए अपरीक्षित मद में लगभग 1,000 कार्य, जिनकी अनुमानित लागत रूपए 5,500 करोड़ होती है, के नवीन कार्य शामिल किए गए हैं।

ये कार्य विभिन्न श्रेणी, योजना एवं मदों के हैं। इसलिये माह अप्रैल में बजट में शामिल अपरीक्षित मद के कार्यों के प्राक्कलन तथा डीपीआर सम्पूर्ण गम्भीरता एवं विस्तृत सर्वेक्षण उपरांत तैयार किए जाकर तकनीकी स्वीकृति उपरांत राज्य शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग के माध्यम से अग्रेषित किए जाएं। प्राक्कलन बनाने में क्षेत्र के महत्वपूर्ण कार्य, एमडीआर सडक़ों के मजबूतीकरण के प्रस्ताव तथा अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं के पुनर्निर्माण हेतु प्राक्कलन सर्वोच्च प्राथमिकता पर बनाए जाएं।

मण्डलोई ने कहा है कि चूंकि अब विभाग में नवीन कार्य स्वीकृत किए जाने हेतु बजटीय प्रक्रिया के अलावा कोई और विकल्प नहीं है, इसलिये कोई भी ऐसा कार्य, जो वर्ष 2022-23 के बजट में शामिल नहीं है, का प्राक्कलन प्रमुख अभियंता कार्यालय से लिखित निर्देश प्राप्त होने के उपरांत ही अग्रेषित किया जाए। अनावश्यक प्रस्ताव अग्रेषित करने की आवश्यकता नहीं है।