खालिस्तान समर्थक नेता गोपाल सिंह चावला की धमकियों के बाद लुधियाना पुलिस ने शनिवार को हिंदू नेताओं अमित अरोड़ा, योगेश बख्शी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (किसान कांग्रेस) के राष्ट्रीय संयुक्त समन्वयक गुरसिमरन सिंह मंड को अपने घरों से बाहर निकलने से रोक दिया। पुलिस ने विभिन्न हिंदू नेताओं के आवासों के बाहर चौकसी भी बढ़ा दी है।
दरअसल चावला ने एक वीडियो में अरोड़ा और मंड को जान से मारने की धमकी दी है। वीडियो हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या के बाद जारी किया गया था। अरोड़ा ने कहा कि उन्हें प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के हरदीप सिंह निज्जर से भी धमकियां मिली हैं।
गौरतलब है, कि नवंबर, 2022 को, हिंदू नेता सुधीर सूरी की अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि वे एक मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे थे। अरोड़ा ने शनिवार को सूरी के दाह संस्कार में शामिल होने के लिए अमृतसर जाने की कोशिश की थी, लेकिन संयुक्त पुलिस आयुक्त ने पुलिस के साथ उन्हें सुरक्षा कारणों से घर से बाहर कदम न रखने की सलाह दी।
अरोड़ा पहले से ही आतंकवादी समूहों के निशाने पर है और 2016 में एक हमले में बाल-बाल बचे थे। 3 फरवरी, 2016 को समराला चौक के पास उन पर एक गोली चलाई गई थी। हाल ही में मारे गए शिवसेना नेता सुधीर सूरी खालिस्तानी चरमपंथियों के खिलाफ भी आवाज उठा रहे थे। वे भी 2016 से खालिस्तानी आतंकी संगठनों की हिट लिस्ट में थे।
वहीं मांड को भी अमृतसर जाने से रोक दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने बताया, "सुरक्षा कारणों से कुछ नेताओं को घर पर रहने की सलाह दी गई है।" पुलिस प्रमुख ने कहा कि दो और हिंदू नेताओं- अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा अखाड़े के मुकेश खुराना और शिवसेना पंजाब के संदीप वर्मा को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। वे अरोड़ा के सहयोगी हैं।