इस योजना की टाइमिंग और बदलाव को भाजपा के चुनावी रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि यह योजना अपने पहले दौर में काफी चर्चित रही थी। इस बार तीर्थ दर्शन योजना शुरू करने से पहले मंत्रियों ने पचमढ़ी में विचार विमर्श किया और नया रूप दिया है..!

गौरतलब है कि इसे भाजपा व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी योजना माना जाता है। अब यह 19 अप्रैल से दोबारा शुरू हो जाएगी। इसमें हवाई रूट से भी यात्रियों को ले जाने पर विचार हो चुका है। कल कैबिनेट में भी इस पर खासी चर्चा हुई। तय हुआ कि सभी मंत्री अलग अलग ट्रेनों में सवार हों। वहीं योजना को नया रूप देने वाली कमेटी की सदस्य व संबंधित संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर ने सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, टीकमगढ़ और दमोह जिले के कलेक्टर और प्रभारी अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से यात्रियों की आवेदन प्रक्रिया और स्टेशन तक यात्रियों को सुविधा पूर्वक लाने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी नोडल अधिकारी पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें। सभी जिलों में यात्रा का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए सात अप्रैल तक आवेदन प्राप्त करें। चयनित आवेदनों को 12 अप्रैल तक आइआरसीटीसी के संबंधित अधिकारी को प्रेषित करें, जिससे यात्रियों के आइडी कार्ड समय पर आइआरसीटीसी से जिलों को प्राप्त हो सके। आइडी कार्ड में यात्री का नाम, उम्र, कोच नंबर और सीट नंबर का स्पष्ठ रूप से उल्लेख हो ।

तीर्थ दर्शन योजना 2022

तीर्थयात्रियों को स्मृतिचिन्ह मिलेगा..!

CM  ने निर्देशित किया कि तीर्थ यात्रियों को यात्रा के सस्मरण के रूप में यात्रा समाप्ति पर स्मृति चिन्ह भेंट करें इसमें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के चित्र भी होंगे। मंत्री ने कहा कि रेल के डिब्बे पर जिले के नाम के स्टिकर लगाए, जिससे यात्रियों को कोच ढूंढ़ने में आसानी ही ट्रेन में सेंट्रलाइड साउंड सिस्टम की व्यवस्था रखें। ट्रेन में भजन मंडलियों को भी रखें उषा ठाकुर ने कहा है कि काशी विश्वनाथ तीर्थयात्रा के यात्रियों के साथ वह स्वयं भी यात्रा में शामिल होंगी। यात्रियों की सेवा कर आशीर्वाद का सुअवसर उन्हें प्राप्त हुआ है।

काशी की ट्रेन 19 को..!

काशी विश्वनाथ तीर्थ यात्रा १९ से २२ अप्रैल तक बता दें कि तीर्थ यात्रा ५९ अप्रैल को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर सागर में रुकते हुए बनारस पहुंचेगी। बनारस की इस तीर्थ दर्शन यात्रा में भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, टीकमगढ़ और दमोह जिले के तीर्थ यात्री शामिल होंगे। सीहोर एवं रायसेन जिले के यात्रियों का बॉन्डिंग भोपाल (रानी कमलापति) स्टेशन होगा और सागर स्टेशन पर सागर, टीकमगढ़ और दमोह जिले के तीर्थ यात्री ट्रेन में बैठेंगे। जिलों से तीर्थ यात्रियों को स्टेशन लाने की सुविधा जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। यात्रा के लिए ६० वर्ष या उससे अधिक आयु (महिलाओं के लिए ५८ वर्ष) के नागरिक अपने निकटतम तहसील स्थानीय निकाय, जनपद कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे। यात्रा का संचालन आकर्षक और प्रेरक तरीके से किया जाएगा।