उत्तर प्रदेश के महोबा कलेक्टर ऑफिस के बाहर गले में तख्ती डालकर 5 मुर्दे 'साहब.. अभी मैं जिंदा हूं.. की गुहार लगा रहे हैं. अब मुर्दे तो गुहार लगाने से रहें..! तो जिन्हें सरकारी व्यवस्था ने कागजों में मार डाला, वहीं लोग अब 1 वर्ष से बंद वृद्धा पेंशन को चालू करने के लिए अपने जिंदा होने की फ़रियाद कलेक्टर महोदय के पास लगा रहे है. 

वैसे सरकारी व्यवस्था में कागजों का बड़ा अहम् रोल होता है, पर कभी-कभी यही कागज सरकार और सरकारी व्यवस्था की पोल खोल ही देते हैं. अब कलेक्टर साहब मुर्दे को जिंदा तो कर ही देंगे पर क्या अब उन अप्सरान पर भी गाज गिरेगी, जिन्होंने इन्हें कागजों पर मार डाला. अब यही आशा है कि सरकारी तंत्र रूपी भगवान, जल्द ही इन चलते फिरते मुर्दों के भीतर सरकारी जीवित होने की जान फुक ही देंगे.