भोपाल: जंगल महकमे के एसीएस जेएन कंसोटिया ने अपनी पहली वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी डीएफओ को निर्देशित किया है कि हर महीने कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स की बैठक अनिवार्य रूप से करें. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर 3 महीने में कमिश्नर के साथ भी बैठक करें. इन दोनों बैठकों में अतिक्रमण, अवैध कटाई एवं खनन और फील्ड में पिट रहें वन कर्मियों के मुद्दे पर चर्चा कर मसले का निराकरण भी कराएं. एसीएस कंसोटिया की वीडियो कांफ्रेंसिंग में विकास शाखा की गड़बड़ियां भी उजागर हुई है.
वन विभाग के अपर मुख्य सचिव कंसोटिया पहली वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यालय के अधिकारियों एवं मैदानी अफसरों के साथ बातचीत की. वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान वन बल प्रमुख आरके गुप्ता सहित मुख्यालय के पीसीसीएफ और एपीसीसीएफ के अलावा वाइल्ड लाइफ, वन विकास निगम और इको पर्यटन के अफसर भी मौजूद रहे.
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान हर महीने टास्क फोर्स की बैठक करने के मुद्दे पर मैदानी अफसरों द्वारा उन्हें अवगत कराया गया कि कलेक्टर-एसपी व्यस्तता के चलते टास्क फोर्स की बैठक नहीं करते हैं. इस पर कंसोटिया का जवाब था कि डीएफओ कलेक्टर एसपी से संबंध भाई बनाएं.
मैं भी बैठक करने के लिए अलग से कलेक्टर-एसपी को पत्र लिखूंगा. कंसोटिया ने राजगढ़ वन मंडल में लंबित वन खंडो से संबंधित नोटिफिकेशन को लेकर भी निर्देश कया कि इसे तत्काल करें. सीएम हेल्पलाइन में लंबी शिकायतों को लेकर भी सभी डीएफओ को निर्देशित किया कि वह गंभीरता से इसका निराकरण करें. सीएम हेल्पलाइन में एयरपोर्ट से संबंधित शिकायतों का सबसे अधिक लंबित मामले मुरैना शिवपुरी और सीधी में है.
संस्कृति वन के लिए एरिया सिलेक्ट करने के निर्देश-
एशिया की वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी डीएफओ को गुजरात मॉडल पर संस्कृति बनाए जाने के प्रस्ताव से संबंधित एरिया सिलेक्ट करने के भी निर्देश दिए गए. उन्हें यह कहा गया है कि इसको गंभीरता से ले. अभी इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनना शेष है. संस्कृति वन को लेकर एपीसीसीएफ यूके सुबुद्धि की अध्यक्षता में बनी चार सदस्य आईएफएस अफसरों की टीम ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है.
बजट खर्च नहीं करने वालों की एसीआर में होगी एंट्री-
वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने बार-बार निर्देशित करने के बाद भी भौतिक और आर्थिक लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले डीएफओ को चेतावनी दी है कि अब आपके एसीआर में इसका उल्लेख किया जाएगा. वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित विकास शाखा के प्रभारी यूके सुबुद्धि ने बजट कम खर्च करने वाले डीएफओ की लंबी फेहरिस्त में दर्ज नामों का उल्लेख किया.
डीएफओ के परफॉर्मेंस सुधारने की मंशा से विभाग प्रमुख गुप्ता ने डीएफओ से सेल्फ ऑडिट रिपोर्ट बनवाते आ रहे हैं. इसके बावजूद भी 50% से अधिक डीएफओ सीएफ के परफॉर्मेंस में कोई गुणात्मक सुधार नहीं आ रहा है. इसके पहले भी विभाग प्रमुख ने इस बात का उल्लेख किया था कि उनके एसीआर में इसकी एंट्री होगी किंतु आज तक नहीं हो पाई है. पर्यावरण वन की बजट से लेकर अन्य मदों में खर्च करने के मामले में फिसड्डी रहने वाले ग्वालियर सर्किल के सभी वन मंडल के अलावा शहडोल के तो वन मंडल और विदिशा वन मंडल शामिल है.
अनुभूति पर बंसल बंगले झांकने लगे-
एसीएस कंसोटिया वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अनुभूति कार्यक्रम को लेकर जबलपुर डीएफओ अखिल बंसल से जानकारी चाही तो वे बगले झांकने लगे. हालांकि मंडला पूर्व के डीएफओ पुनीत गोयल ने एसीएस को अनुभूति कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी.
सीधी और सिंगरौली में एफसीए के मामले लंबित-
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैंपा) सुनील अग्रवाल ने एफसीए के अंतर्गत प्रोजेक्ट पर चर्चा की. सीधी और सिंगरौली में एफसीए से संबंधित कई प्रोजेक्ट लंबित है. लंबित मामले को लेकर कई बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी भी जताई है. इसी मसले को लेकर अग्रवाल ने सीधी और सिंगरौली डीएफओ को निर्देशित किया कि एफसीए से संबंधित प्रोजेक्ट को गंभीरता से लें और उससे संबंधित एनओसी और अन्य रिपोर्ट समय सीमा में भेजें.