छोड़िए झिझक और डर
हमारे देश में अब तक निःसंतानता को एक अभिशाप के रूप में देखा जाता रहा है। इस बारे में बात करना शर्म, झिझक और सामाजिक भय का विषय होता है। पिछले कुछ सालों में हालांकि इस बारे में बात होना शुरू हुई है, लेकिन अब भी ज्यादातर बात महिला निःसंतानता को लेकर ही होती है। पुरुषों की जांच और इलाज तो बहुत दूर की बात है। नतीजा यह होता है कि जिस समस्या का इलाज आसानी से हो सकता है वह सालों साल यूं ही बनी रहती है और दंपतियों को नि:संतानता के साथ ही जीवन गुजारना पड़ता है।
बढ़ता प्रतिशत
संतान उत्पन्न करने में आने वाली बाधा के लिए स्त्री-पुरुष दोनों ही जिम्मेदार हो सकते हैं। यह देखने में आया है कि पिछले कुछ सालों में पुरुषों में इस संबंध में समस्या और भी बढ़ी है। करीब 40 प्रतिशत तक यह समस्या पुरुषों में देखी जा रही है। यही नहीं निःसंतानता के कुल मामलों में पुरुषों की भागीदारी करीब 50 प्रतिशत तक है। मेल इनफर्टिलिटी का मतलब है वह स्थिति जहां पुरुष एक साल या इससे अधिक समय में भी अपनी पत्नी (पार्टनर) को गर्भवती करने में अक्षम रहा है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें शामिल हैं :
■ अंडकोष या टेस्टिकल्स में कोई शारीरिक बाधा या समस्या होना
■ शुक्राणु ले जाने वाली डक्ट में कोई समस्या होना
■ शुक्राणुओं का कम संख्या में बनना या शुक्राणुओं का ठीक तरीके से काम न कर पाना
" कोई संक्रमण
किसी प्रकार का ट्यूमर
■ कोई खास तरह की दवाओं का सेवन
इंडस्ट्रियल केमिकल या हैवी मैटल एक्सपोजर
■ रेडिएशन या एक्स-रे के ज्यादा संपर्क में रहना
" वेरीकोसील जैसी समस्याएं
"हार्मोन से जुड़ी कोई दिक्कत
■ उम्र तथा उम्र से जुड़े फैक्टर
" पहले कभी तेज बुखार ● जेनेटिक डिसऑर्डर का होना
■ लाइफस्टाइल या एनवायरमेंट कारण, इसमें मोटापा, सिगरेट या शराब का ज्यादा उपयोग, खाने, सोने आदि की साइकिल का रेगुलर न रहना, एक्सरसाइज की कमी जैसी कई स्थितियां हो सकती हैं।
महत्वपूर्ण बिदु
■ ज्यादातर मामलों में आउटपेशेंट (बिना अस्पताल में रहे) ऐसे मामलों का इलाज किया जाता है।
■ आजकल सरकार की तरफ से भी इस समस्या के लिए बाकायदा आर्थिक मदद दी जाती है।
■ अधिकतर केसों में सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया के साथ की जाती है
■ सामान्य सर्जरी के कुछ दिन बाद ही अपने काम पर वापस जा सकते हैं।
■ बॉडी बनाने के लिए इस्तेमाल में आने वाले स्टेरॉइड्स भी इनफर्टिलिटी का कारण बन सकते हैं।
आधुनिक इलाज और संभावनाएं
सबसे पहली बात यह है कि निःसंतानता की स्थिति लाइलाज नहीं है। इसके लिए इलाज है और समय के साथ ये और भी आधुनिक एवं आसान हो गए हैं। इसलिए यदि किसी भी दम्पति को लगता है कि वह काफी समय से ट्राय करने के बावजूद संतान उत्पन्न नहीं कर पा रहा है तो उसे तुरंत एक प्रशिक्षित और अनुभवी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। इलाज के पहले डॉक्टर कई तरह की जांच की सलाह देते हैं। इसमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की जांच की जाती हैं। यह जानने के लिए कि समस्या किसको है, स्त्री को या पुरुष को और इस समस्या को दूर करने के लिए किस तरह के इलाज की आवश्यकता पड़ेगी। जैसे कुछ मामलों में सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव लाने, वजन कम करने, खानपान और नींद की साइकिल को दुरुस्त करने आदि से ही समस्या हल हो सकती है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग जांच ही नहीं करवाते और छोटी-सी समस्या बड़ी हो जाती है। इसलिए पहला कदम जांच के लिए बढ़ाएं।