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भोपाल को ही ले लीजिए भोपाल में 1632 बच्चे कुपोषित हैं|  भोपाल में अट्ठारह सौ  आंगनबाड़ी चल रही है| इस न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 5 जिलों में 3893 अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती किया गया| इनमें से 15 बच्चों की मौत इलाज के दौरान हो गई| हालांकि भोपाल में एक भी बच्चे की मृत्यु कुपोषण के कारण नहीं हुई यह राहत की बात है|

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केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की माने तो मध्य प्रदेश में हर तीसरा बच्चा कुपोषण का शिकार है। अरबों रुपये खर्च कर दिए गए विगत कुछ वर्षों में उसके बाद भी कुपोषण का दंश मध्य प्रदेश को अभी भी डस रहा है। 

शून्य से लेकर 5 वर्ष की उम्र के 65 लाख दो हजार से ज्यादा बच्चे हैं इनमें से 10 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषित हैं| इनमें से 2 लाख 64 हजार 609 ठिगनेपन और 13 लाख सात हजार 469 दुबलेपन के शिकार हैं| वहीं 6 लाख 30 हजार  बच्चे कम वजन के है प्रदेश में कुपोषण मिटाने के लिए मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन व अटल बिहारी बाल आरोग्य कार्यक्रम के तहत कुपोषित दूर करने के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं| इसके तहत 2 साल में 6 लाख 31 हजार 55 गंभीर कुपोषित बच्चों का पंजीयन किया गया है|