ममता सरकार ने पार्थ चटर्जी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में नाम सामने आने के बाद ममता बनर्जी ने उन्हें मंत्री पद से हटा दिया।
#Breaking: मंत्री पद से पार्थ चटर्जी की छुट्टी, कैबिनेट मीटिंग के बाद ममता बनर्जी ने लिया फैसला
— AajTak (@aajtak) July 28, 2022
आजतक संवाददाता @Suryavachan ज्यादा जानकारी के साथ.#WestBengal #TMC #ParthaChatterjee | @gauravcsawant pic.twitter.com/zj4Yb1PmaX
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कैबिनेट बैठक के बाद यह फैसला लिया। जिसमें पार्थ चटर्जी को पार्टी के सभी दायित्वों और मंत्री पद से भी हटा दिया है। जानकारी के अनुसार, अब उनका मंत्रालय खुद ममता बनर्जी संभालेंगी।
ईडी ने शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार करने के बाद अर्पिता मुखर्जी को भी गिरफ्तार कर लिया था। पार्थ चटर्जी की करीबी मानी जाने वाली अर्पिता चटर्जी के घर छापेमारी के दौरान करीब 50 करोड़ रुपये की नकदी और कई किलो सोना भी बरामद किया गया।
ईडी का मानना है कि यह वही पैसा है, जो शिक्षक भर्ती घोटाले में रिश्वत के तौर पर लिया गया था। बता दें कि घोटाले में नाम सामने आने के बाद से बीजेपी और कांग्रेस समेत कई पार्टियां लगातार ममता सरकार को घेरने की कोशिश कर रही हैं। जिसके चलते आज ममता बनर्जी ने कैबिनेट बैठक बुलाकर पार्थ चटर्जी को हटाने का फैसला किया।