मणिपुर में कांग्रेस और बीजेपी की कड़ी टक्कर के बीच विधानसभा चुनाव संपन्न हुआ। आज मतगणना है, इसी के साथ ही चुनावी अखाड़े में उतरे सभी उम्मीदवारों के किस्मत का फैसला होने जा रहा है। अभी बैलेट पेपर की मतगणना हो रही है। कुछ देर में ईवीएम से भी गिनती शुरू होगी। चुनाव नतीजों के आने से पहले इंफाल में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने म पूजा-अर्चना की। भाजपा नेता संबित पात्रा भी उनके साथ मौजूद रहे।
.png)
दर्शन के बाद मणिपुर के सीएम ने कहा कि भगवान की दया से पिछले पांच साल में शांति रही, विकास हुआ, सब मिलकर रहे। यही प्रार्थना मैं भगवान से कर रहा हूं कि भाजपा की सरकार बहुमत से बनें और शांति बनी रहे। उन्होंने बीजेपी के दोबारा सत्ता में वापसी पर भी विश्वास जताया है।
इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने श्री गोविंदा जी मंदिर में पूजा-अर्चना की। भाजपा नेता संबित पात्रा भी उनके साथ मौजूद रहे। pic.twitter.com/9H98f95K4U
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 10, 2022
मणिपुर चुनाव 2022
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार मणिपुर में दो चरणों में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ। 2017 के विधानसभा चुनाव मणिपुर में पहली बार भाजपा सत्ता में आई थी। भले ही कांग्रेस 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन कांग्रेस के आठ विधायकों ने बाद में पार्टी छोड़ दी। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी), नागा पीपुल्स फ्रंट और लोक जनशक्ति के साथ बीजेपी ने 21 सीटें जीतकर गठबंधन सरकार बनाई और एन बीरेन सिंह मणिपुर के मुख्यमंत्री बने। भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की प्रमुख सहयोगी एनपीपी है और इस पार्टी की सरकार में उपमुख्यमंत्री सहित दो मंत्री हैं। इसी बीच ओपिनियन पोल के अनुसार मणिपुर में बीजेपी सरकार को बहुमत मिलती नजर आ रही है।
हालांकि कांग्रेस भी बीजेपी को पछाड़ने के लिए जोर लगा रही है। मतदान के दौरान अपनी एक रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी पार्टी मणिपुर के इतिहास, संस्कृति तथा भाषा की रक्षा करेगी, जिन्हें "भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कमजोर कर दिया है।’’
सत्ता में आने के बाद राहुल गांधी ने मणिपुर में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने, एमएसएमई क्षेत्र का पुनरूद्धार करने, राज्य को चावल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार लाने, फूड पार्क स्थापित करने तथा महिला-नियंत्रित 'इमा बाजार' की संख्या बढ़ाने का भी वादा किया। हालांकि अब मतदान के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी।
Source: R Bharat