मणिपुर हिंसा पर बहस की मांग को लेकर विपक्ष की ओर से सदन में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके कारण राज्यसभा को मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक के लिए एक बार फिर स्थगन का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने के बाद कागजात सदन के पटल पर रखे गए। जिसके तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

विपक्ष मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और नियम 267 के तहत इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रधानमंत्री के बयान की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया और 2014 का हवाला दिया। धनखड़ ने कहा उन्होंने सदन के नेताओं से मुलाकात की और मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए ढाई घंटे का समय आवंटित किया गया।

जैसे ही सभापति ने विपक्ष से प्राप्त नोटिस को अस्वीकार किया, सदस्यों ने नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया। हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। वहीं लोकसभा में भी प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों का विरोध देखने को मिला और सदन की कार्रवाई दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।