Delhi Liquor Scam: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने सिसोदिया की ओर से दायर जमानत याचिका खारिज कर दी.
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एस.वी.एन भट्टी की पीठ ने सिसोदिया के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही जांच के मामले पर आज अपना फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले दिल्ली एक्साइज पॉलिसी और सिसोदिया के खिलाफ मामलों के संबंध में सीबीआई और ईडी से पूछताछ की थी.
कथित शराब घोटाला मामले में सिसोदिया फरवरी महीने से जेल में बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में भी सिसोदिया की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाया था. दरअसल, सिसोदिया ने अपने खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में जमानत मांगी है. जिसमें से एक मामला सीबीआई और दूसरा मामला ईडी ने दर्ज किया है.
कोर्ट ने जांच एजेंसियों को दिया ये आदेश -
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी हो, लेकिन कोर्ट ने आदेश दिया है कि सिसोदिया के खिलाफ केस 6 से 8 महीने के भीतर पूरा किया जाए. अगर केस की प्रक्रिया धीमी रही तो सिसोदिया 3 महीने के भीतर फिर से दोबारा जमानत के लिए आवेदन करने के हकदार होंगे. अब देखना होगा कि तीन महीने बाद सिसोदिया दोबारा कोर्ट जाते हैं या नहीं?
सिसोदिया पर क्या है आरोप?
बता दें कि दिल्ली शराब घोटाला केस में मनीष सिसोदिया फरवरी से जेल में बंद हैं. 17 अक्टूबर को जब उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई तो कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सिसोदिया पर कथित दिल्ली शराब नीति में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. पिछली सुनवाई में सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि सिसोदिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं है और घोटाले से उनका कोई लेना-देना नहीं है. फिर भी उन पर जबरन आरोप लगाया जा रहा है.
दिल्ली शराब नीति घोटाला केस में गिरफ्तार सिसोदिया अकेले नेता नहीं हैं. हाल ही में आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भी ईडी ने गिरफ्तार किया. ईडी ने घोटाला मामले से उनके तार जोड़े हैं. संजय सिंह अभी भी हिरासत में हैं. वहीं, आप पार्टी शुरूआत से ही अपने नेताओं पर लगे आरोपों को खारिज कर रहीं हैं.