भोपाल: सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इन फैसलों की जानकारी गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी. मध्य प्रदेश में घरेलू हिंसा का शिकार होने वाले बच्चे या महिला को मध्य प्रदेश सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसके लिए घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए नई सहायता योजना लागू की गई.
गृह मंत्री @drnarottammisra कैबिनेट बैठक में हुए अहम निर्णयों की जानकारी दे रहे हैं https://t.co/uzYGtsSJ8r
— Jansampark MP (@JansamparkMP) January 18, 2022
महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में पेश किया गया. इसमें शरीर के किसी अंग का नुकसान 40 फीसदी से कम होने पर पीड़ित को दो लाख रुपये और ज्यादा होने पर चार लाख रुपए दिए जाएंगे. वहीं, चिकित्सा विशेषज्ञों के रिक्त पदों को भरने के लिए अब 25 प्रतिशत रिक्तियों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा. शेष रिक्त पदों पर पदोन्नति की जाएगी. कैबिनेट में 18 प्रस्तावों पर विचार हुआ.
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश अपराध पीड़ित मुआवजा योजना अभी लागू है लेकिन इसमें हर तरह की हिंसा शामिल है. मुख्यमंत्री ने घरेलू हिंसा के पीड़ितों को सहायता के प्रावधान की घोषणा की. उसी के अनुसार योजना बनाई गई है. जिसमें एक युवती या महिला जो घरेलू हिंसा की शिकार हुई है उसे जिले के वन स्टॉप सेंटर पर प्राथमिकी दर्ज कर आवेदन करना होगा. मुआवज़े की योजना में पूर्ण मुआवज़े की राशि दोषसिद्धि पर ही दी जाती है, जबकि नई योजना में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है.
केबिनेट में पास हुई वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तावित आबकारी नीति के मुख्य बिंदु,,
भोपाल। मध्यप्रदेश में नई आबकारी नीति को मंजूरी मिल गई है। नई शराब पॉलिसी के चलते विदेशी यानी अंग्रेजी शराब सस्ती होगी। इससे शराब की डिमांड बढ़ेगी, और ज्यादा बिक्री होगी।
सरकार ने घर पर शराब रखने की सीमा भी बढ़ा दी है। अब लोग 4 गुना ज्यादा शराब घर पर रख सकते हैं। नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2022 से ये नीति लागू होगी।
मध्य प्रदेश में सस्ती होगी शराब, नई नीति का ऐलान
1. विदेशी शराब में 10%-13% तक ड्यूटी में कमी लाई गई है यानी अंग्रेजी शराब सस्ती होगी।
2. दुकानें कंपोजिट होंगी यानी एक ही दुकान पर अंग्रेजी और देशी दोनों शराब मिल पाएंगी।
MP में फ्रेश बीयर के लिए पॉलिसी:
भोपाल-इंदौर के लिए माइक्रो ब्रेवरीज बनाई जाएंगी। माइक्रो ब्रेवरीज छोटी यूनिट होती हैं, जिनमें रोज 500 से 1000 लीटर शराब बनाने की क्षमता होती है। माइक्रो ब्रेवरीज प्लांट होटलों में लगाए जा सकते हैं। इनमें फ्रेश बीयर (कम एल्कोहल वाली शराब) मिल सकेगी।
होम बार लाइसेंस मिल सकेगा:
मध्यप्रदेश सरकार ने होमबार लाइसेंस का ऐलान भी कर दिया है। अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 1 करोड़ रुपए है तो वह व्यक्ति घर पर बार खोल सकता है। इसके अलावा घर पर शराब रखने की लिमिट भी सरकार ने बढ़ा दी है। अब लिमिट की 4 गुना शराब रख सकते हैं। फिलहाल घर में एक पेटी बीयर, 6 बॉटल वाइन या 4 बॉटल स्पिरिट रखने की इजाजत है।
दो जिलों में महुए की शराब:
आलीराजपुर और डिंडौरी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत महुए से बनने वाली शराब लाई जा रही है।
एयरपोर्ट्स-मॉल के लिए मंजूरी:
एयरपोर्ट पर अंग्रेजी शराब की दुकानें होंगी। मॉल्स में काउंडर पर वाइन भी मिल सकेगी।
ये मुख्य फैसले भी शामिल:
मोनोपॉली वाले 17 बड़े जिले 2019-20 में जब वो छोटे लेवल पर चलते थे, उनमें डिस्पोज किया जाएगा। बाकी के छोटे जिलों को रिन्यूअल का ऑफर दिया जाएगा। फॉरेन लिकर यानी विदेशी शराब की रिजर्व प्राइज 15% और देशी की 25% रखी जाएगी।