बिहार में रेलवे विभाग ने बड़ा ऐलान किया है। रेलवे का कहना है कि सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक कोई ट्रेन नहीं चलेगी। बिहार में 'अग्निपथ' परियोजना के खिलाफ उच्चतम स्तर की हिंसा देखी जा रहीं है। गुस्साई भीड़ ने दर्जनों ट्रेनों में आग लगा दी और कई कस्बों और शहरों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अकेले बिहार में रेलवे की संपत्ति को करीब ₹200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

रेलवे का कहना है कि बिहार राज्य में चल रहें धरना प्रदर्शन के कारण यात्री सुरक्षा के मद्देनजर दुसरे क्षेत्रीय रेलों से खुलकर पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से गुजरने वाली ट्रेनों में अस्थाई बदलाव किया गया है। रेलवे के अनुसार, दिनांक 18.06.2022 को 20.00 बजे से 19.06.2022 को 4 बजे तक तथा पुनः 19.06.2022 को 20.00 बजे से 20.06.2022 को 20 बजे तक ही पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से गुजरने वाली ट्रेनों का परिचालन किया जायेगा।

रेलवे ने बताया कि हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण 300 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं और 234 रद्द कर दी गई हैं, वहीं सात ट्रेनों में आग लगा दी गई। रेलवे ने कहा कि विरोध के कारण 94 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें और 140 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गईं। जबकि 65 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों और 30 पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने 11 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदला है।

मंडल रेलवे के अनुसार, पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) में 164 ट्रेनें, उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) में 34, उत्तर रेलवे (एनआर) में 13 और उत्तर पूर्व रेलवे में लगभग 3 ट्रेनें रद्द हुई। दक्षिणी रेलवे ने एक बयान में कहा कि विरोध क्षेत्र से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के गंतव्यों तक जाने वाली सभी ट्रेनों को आंदोलन और अग्निशमन के कारण अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

अग्निपथ परियोजना को लेकर युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के कारण बिहार से आने वाली कई ट्रेनों का संचालन पिछले 2 दिनों से ठप है और कई ट्रेनें लेट हो गई। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों, खासकर महत्वपूर्ण काम से यात्रा करने वालों को काफी परेशानी हुई।

पूर्व मध्य रेलवे के एक जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्जनों मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, जबकि 78 ट्रेनों को आंशिक रूप से बंद कर दिया गया।

इसी तरह 12 ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव किया गया, जबकि बदले हुए रूट पर एक ट्रेन का संचालन किया गया। जिससे हजारों यात्री यात्रा नहीं कर सकें। यात्रियों में बुजुर्ग और छात्र भी शामिल थे। जिन्हें विरोध के बाद यात्रा टालनी पड़ी।

'अग्निपथ' भर्ती योजना के विरोध में प्रदर्शन को सफल बनाने के प्रयास में आज सुबह प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोकझोंक हुई और कई शहरों में वाहनों में आग लगा दी गई, कई राज्यों में यह प्रदर्शन काफ़ी तेज़ी से बढ़ता जा रहा है।