भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं के विरूध्द होने वाले अपराधों को रोकने के लिये सूबे के हर जिले में अफसर बेहद तत्परता से काम करें। वहीं अवैध शराब के मामले में जीरो टॉलरेंस रखें। इन मामलों के अपराधियों को क्रश (बर्बाद) कर दें। उन्होंने कहा कि इस मामले में इंदौर, बैतूल, जबलपुर, खरगौन में प्रभावी कार्रवाई की गई है। मंत्रालय में आज संभागायुक्तों, कलेक्टरों, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों से वचुअल संवाद करते हुए उन्होंने यह बात कही और कामकाज की प्राथमिकताएं बताई।
ज्ञात हो कि हाल में इंदौर समेत चार जिलों में महिलाओं के उतपीडन की घटना पर शिवराज ने सख्त रूख अपनाया था। लिहाजा आज फिर उन्होंने कहा किऑपरेशन मुस्कान भी जिलों में चलता रहे। सीएम ने अवैध खनन के मामले में कहा किछतरपुर, टीकमगढ़, जबलपुर, खरगोन, रतलाम में जप्ती की ठोस कार्रवाई हुई है।
15 विषयों पर शिवराज का फोकस
इस कांफ्रेस में शिवराज का फोकस 15 ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर है जो सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार हैं। इनमें कानून व्यवस्था, माफिया के विरुद्ध कार्यवाही और महिला अपराध नियंत्रण की समीक्षा, नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान कार्यवाहियो की समीक्षा, शहरों में सड़क और अन्य सभी प्रकार के मार्गों के संधारण की समीक्ष, नगरीय क्षेत्रों में मल व जल निकासी सीवेज ट्रीटमेंट की समीक्षा शामिल हैं। बताया जाता है किमुख्यमंत्री राज्य में धान उपार्जन, शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की रणनीति पर भी अफसरों से चर्चा कर रहे हैं तथा कोविड टीकाकरण, अस्पतालों में बेड की उपलब्धता और आयुष्मान कार्ड की स्थिति का भी फीडबैक ले रहे हैं। इसके अलावा अडॉप्ट एन आंगनवाडी अभियान समेत जनसहभागिता से निजी स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम के संचालन के बारे में भी अफसरों से जानकारी मांगी जा रही है।
सीएम ने अवैध शराब से मौत पर जताई नाराजगी
सीएम शिवराज ने भिंड में अवैध शराब से हुई मौतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, भिंड में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जो यह कर रहे, वो नर पिशाच हैं। मैं भिंड एसपी से पूछना चाहता हूं कि ये लापरवाही क्यों और कैसे हुई? सीएम ने एडीजी चंबल से पूछा कि आप क्या कर रहे थे? इतनी बड़ी घटना कैसे हुई?
बैठक के बारे में विस्तार से जानें
विगत बैठक के पालन प्रतिवेदन के अंतर्गत प्रमुख विषयों में आपकी सरकार आपके साथ अभियान, मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना, अंकुर अभियान , ऊर्जा साक्षरता, माफियाओं से मुक्त हुए भूखंडों के उपयोग पर चर्चा और समीक्षा।
मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj ने मंत्रालय में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की शुरुआत कानून व्यवस्था की समीक्षा से की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस सुशासन का माध्यम है। हमने तय किया है कि 29 दिन कार्य करें और एक दिन उसकी समीक्षा करें। pic.twitter.com/GSIrm5e9bo
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) January 20, 2022
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस जनता को सुशासन देने का महत्वपूर्ण माध्यम।
विकास, जनकल्याण, योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, बिना परेशानी सबको सेवा का लाभ मिले।
जहां भी सीसीटीवी लगे हैं, उनकी मोनिटरिंग ढंग से हो
हमने तय किया है कि 29 दिन कार्य करें और एक दिन उसकी समीक्षा करें।
जो अच्छा काम करते हैं मुझे और प्रदेश की जनता को खुशी होती है गड़बड़ करना अक्षम्य अपराध है।
हम यह तय कर ले कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रेत का पैसा मिल जाये।
आबकारी नीति में कीमतें इसलिए कम की है कि अवैध शराब की बिक्री रुके। लेकिन हमें सावधानी रखना है।
मेरे क्लियर कट निर्देश हैं- डकैती को पनपने नहीं देना है, शुरू में ही कड़ी कार्यवाई करें, जिससे वो बचे ही नहीं।
अपराधियों पर हमने अच्छी कार्यवाई की है, इसके लिए आप सब को बधाई
चिन्हित अपराधों पर कार्यवाई में रायसेन अच्छा काम किया इन्हें बधाई। 100% मामलों में सजा हुई है।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिले
रायसेन
दतिया, भिंड, शहडोल, रेल इंदौर
मंडला
छतरपुर
सीधी
रतलाम
चिन्हित अपराधों में असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले जिले
मुरैना, आगर, निवाड़ी, अलीराजपुर, इंदौर
चिन्हित अपराधों में कम सजा होने पर मुरैना, इंदौर एसपी के जवाब से असंतुष्ट हुए सीएम
मुरैना एसपी से पूछा सिर्फ 11.11% को ही सजा क्यों हुई।
जो पूछा जाए वही बताइए, इतनी कम सजा क्यों हुई, ये बताइए।
इंदौर कमिश्नर से कहा- चिन्हित अपराधों में सजा न हो पाना हमारी विफलता है।
आपका जवाब संतोषजनक नहीं है, इसे सभी पूरी गंभीरता से लें।
चिन्हित अपराधों में 100% सजा होनी चाहिए,
सारे जिले आपस में समन्वय बनाकर काम करें, चिन्हित अपराधों में सजा होनी चाहिए, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न हो
एसपी रीवा - चिन्हित अपराधों में सजा को लेकर होने वाली बैठकों की जानकारी क्यों नहीं दी यहाँ।
यह और भी गंभीर है।
मै सबको कह रहा हूँ- हम जो भी काम कर रहे हैं, उसे व्यवस्थित करें। पोर्टल पर उसकी बराबर जानकारी दें।
अब सुन लीजिए- चिन्हित अपराधों में सजा मस्ट है, जो करना है, वो कीजिये. अपराधियों की सजा सुनिश्चित होनी चाहिए।
बालक-बालिकाओ की बरामदगी वाले मामले में काफी इम्प्रूवमेंट हुआ है।
इंदौर, भोपाल, जबलपुर, धार, सागर, बैतूल, देवास, अलीराजपुर, अशोकनगर, आगर मालवा जिलों ने अच्छा काम किया है, इन जिलों को बधाई
बच्चों की बरामदगी में निम्न कार्यवाई वाले जिले
श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, बुरहानपुर, जबलपुर, रीवा, छिंदवाड़ा, कटनी खंडवा
गुम बालक-बालिकाओं के प्रकरण 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2021 तक
- इस अवधि में गुम बालक बालिकाओं की संख्या- 11458
- उक्त अवधि में खोजे गए बालक बालिका (पूर्व प्रकरण सहित)- 13108
मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि महिलाओं पर अपराध कम हों।
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जिलावाइज़ इसका विश्लेषण करें। किसी भी कीमत पर महिलाओं के विरुद्ध हमें अपराध रोकना ही है।
ऑपरेशन मुस्कान हमको चलाना है, बच्चियों को ढूढ़कर लाना है। : CM
महिला अपराध मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि महिलाओं पर अपराध कम हों।
जिलावाइज़ इसका विश्लेषण करें।
किसी भी कीमत पर महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकना ही हमें।
ऑपरेशन मुस्कान हमको चलाना है, बच्चियों को ढूढ़कर लाना है
प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा हेतु किए गए उल्लेखनीय प्रयास
- प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरूद्ध घटित हो रहे अपराधों के लिए पुलिस विभाग की
टॉलरेंस की नीति है।
- महिला जागरूकता अभियान “सम्मान”/ मुस्कान अभियान
- महिला हेल्प डेस्क - समस्त जिलों के 700 थानों में “ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क' की स्थापना की गई।
- महिला थाना - प्रत्येक जिले में एक-एक महिला थाना स्थापित किया गया है।
- चालान की प्रति निःशुल्क उपलब्ध कराना - चालान की प्रति निःशुल्क दी जा रही है।
- महिला संबंधी अपराधों की विवेचना हेतु वाहन, वीडियो कैमरा उपलब्ध कराना
- महिला अपराध के आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही - 06 एनएसए, 39 जिलाबदर, 45
हिस्ट्रीशीट/गुण्डा फाईल खोलने एवं 06 ड्रायविंग लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई
- अधिकार पत्र - नाबालिग अपहृत तथा गुमशुदा बालिकाओं के लंबित प्रकरणों …एक तो माफ़िया, गुंडे, बदमाशों को नेस्तनाबूद करना है इन पर कार्यवाई के तो एक्ज़ामपल बनना चाहिए, ऐसे लोगों को आतंक की पर्याय नहीं बनने देना है।
दूसरा जो सामान्य आदमी ने कब्जा कर रखा है, दोनों को एक साथ नहीं तोलना है। कार्यवाई दोनों पर करना है लेकिन दोनों में अंतर रखें।
भू माफ़ियायों व अवैध कब्जाधारियों पर कार्यवाई करने वाले अच्छे जिले(प्रकरण पंजीबद्ध)
भोपाल - 198
इंदौर - 74
गुना- 68
सिवनी- 48
सीहोर - 36
मुक्त कराई भूमि मामले में अच्छा काम करने वाले जिले
गुना- 123 एकड़
सीहोर- 85 एकड़
ग्वालियर - 58 एकड़
आगर मालवा- 47 एकड़
शाजापुर - 34 एकड़
भू माफिया/गुंडा/ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा धारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही
- भू माफिया के विरुद्ध दर्ज प्रकरण- कुल 779
- गिरफ्तार आरोपियों की संख्या - 45
- तोड़े गए अतिक्रमण की संख्या- 1453
- मुक्त कराई गई भूमि (एकड़ में) - 557
- मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित कीमत ( करोड़ )- 558.2
- एनएसए प्रकरण -2
- एनएससी प्रकरण आदेशित- 3
- जिला बदर - 1
- जिला बदर प्रकरण आदेशित- 13
भूमाफिया/गुंडा/शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा धारियों की वृद्धि की गई कार्यवाही
- पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण -58
- राजस्व विभाग द्वारा -419
- नगरीय निकाय विभाग द्वारा- 297
वन विभाग द्वारा - 5
कुल दर्ज प्रकरण -779
सीहोर में शुगर फेक्ट्री के पास जो साढ़े चार हजार एकड़ जमीन है, उसका उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए
खनन माफिया-अवैध रेत परिवहन/ उत्खनन संबंधी कार्यवाही
पुलिस द्वारा - 377
खनिज विभाग द्वारा- 1398 वन विभाग द्वारा - 25
कुल प्रकरण - 1800
जप्त रेत की मात्रा (घन मीटर में) - 24932
- जब्त 4 पहिया वाहनों की संख्या - 1792
- राजसात 4 पहिया वाहन - 23
अवैध रेत परिवहन रोकने में छतरपुर, ग्वालियर, सिहोर, राजगढ़, खरगौन इन जिलों ने ज्यादा मामले पंजीबद्ध किये।
खरगोन, रतलाम, टीकमगढ़, जबलपुर, छतरपुर इन जिलों ने सबसे ज्यादा अवैध रेत जब्त की।
इन जिलों को बधाई
हमको वैध रेत चाहिए, हम वैध खदानें करें, इससे रोजगार भी जुड़ा हुआ है। रेत का अवैध परिवहन रुकना चाहिए
हमको स्थानीय लोगों का रोजगार को ध्यान में रखते हुए पॉलिसी बनानी चाहिए।
पीएम आवास को रेत फ्री में मिल जाये।
अवैध रेत परिवहन/उत्खनन संबंधी कार्यवाही - माह (नवंबर - दिसंबर 2021)
प्रथम पाँच ज़िले (कुल पंजीबद्ध प्रकरण के आधार पर):
छतरपुर - 90
ग्वालियर - 66
सीहोर - 64
राजगढ़ - 59
खरगोन - 58
निम्न पाँच ज़िले:
शाजापुर - 10
कटनी - 13
गुना - 15
बुरहानपुर - 16
बैतूल - 18
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प्रथम पाँच ज़िले (जब्त रेत की मात्रा के आधार पर) घन मीटर में:
खरगौन - 3571
रतलाम - 3151
टीकमगढ़ - 3135
जबलपुर - 2119
छतरपुर - 1805
निम्न ज़िले:
बुरहानपुर - 21
शाजापुर - 30
बैतूल - 47
दमोह - 53
अनूपपुर - 58
भिंड मामले में सीएम ने जताई भारी नाराजगी
भिंड में अवैध शराब से हुई मौतों पर सीएम ने कहा-
अभी जो भिंड में घटना वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जो यह कर रहे हैं, वह नर पिशाच हैं
मैं भिंड एसपी से पूछना चाहता हूं - यह लापरवाही क्यों हुई?
आपने पहले उन्हें क्यों नहीं पकड़ा। थाने वाले मिलजुलकर कर रहे होंगे?
इसमें ज़ीरो टॉलरेंस है, मै छोडूंगा नहीं किसी को। बहुत गंभीर कार्यवाई होनी चाहिए,
यह एक के बाद एक श्रखंला जैसी हो गई है, कोई कितना भी प्रभावी हो उन्हें क्रश करना है।
मैं फिर कह रहा हूँ- यदि लापरवाही हुई तो बर्दाश्त नहीं होगा।
यह हो नहीं सकता यह हो रहा है हो और थाने को पता न हो।
एडीजी चंबल- आप क्या कर रहे थे, घटना कैसे हुई।
अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही में प्रथम 5 जिले
इंदौर
बैतूल
जबलपुर
झाबुआ
खरगोन
निम्न 5 जिले
सीधी
निवाड़ी
आगर मालवा
गुना
सीहोर
चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही
- पंजीबद्ध अपराध संख्या - 62
- आरोपियों की संख्या -120
- गिरफ्तार आरोपी - 24
- जप्त की गई संपत्ति का मूल्य (करोड़ में) - 10.39
- निवेशकों को अब् तक वापस दिलाई गई राशि - 31.5 (राशि करोड़ में)
सहारा के आलावा भी जो कम्पनियाँ हैं, उन पर भी कार्यवाई करें।
अगली बैठक में यह चार्ट चाहिए कि किन किन चिटफंड कंपनियों पर कार्यवाई की
यह अभियान दिखना चाहिए कि मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सरकार मजबूती से काम कर रही है
हमारा उद्देश्य यही है लोगों को शुद्ध सामग्री मिले और अपराधियों पर कार्यवाई हो।
अच्छी कार्यवाई वाले जिले
ग्वालियर, इंदौर, मुरैना, खरगोन
दो चीजें ध्यान रखनी है।
एक तो अपराधियों में सख्त कार्यवाई करना, उन्हें अंजाम तक ले जाना।
दूसरा जनता के बीच यह संदेश जाना कि सरकार उनके हित में काम कर रही है।
भिंड मामले में सीएम ने जताई भारी नाराजगी
भिंड में अवैध शराब से हुई मौतों पर सीएम ने कहा-
अभी जो भिंड में घटना वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जो यह कर रहे हैं, वह नर पिशाच हैं
मैं भिंड एसपी से पूछना चाहता हूं - यह लापरवाही क्यों हुई?
आपने पहले उन्हें क्यों नहीं पकड़ा। थाने वाले मिलजुलकर कर रहे होंगे?
इसमें ज़ीरो टॉलरेंस है, मै छोडूंगा नहीं किसी को। बहुत गंभीर कार्यवाई होनी चाहिए,
यह एक के बाद एक श्रखंला जैसी हो गई है, कोई कितना भी प्रभावी हो उन्हें क्रश करना है।
मैं फिर कह रहा हूँ- यदि लापरवाही हुई तो बर्दाश्त नहीं होगा।
यह हो नहीं सकता यह हो रहा है हो और थाने को पता न हो।
एडीजी चंबल- आप क्या कर रहे थे, घटना कैसे हुई।
राशन के मामले में सब साफ सुन लें
मै राजगढ़ गया था, अशोकनगर गया था वहाँ लोगों ने शिकायत की।
दो तरह का राशन मिल रहा है केंद्र व राज्य का, कुछ जगह शिकायत आई कि एक ही जगह का राशन मिल रहा है। यह बर्दाश्त नहीं होगा।
राजगढ़ कलेक्टर बताएं मेरे कहने के बाद क्या कार्यवाई हुई।
जहां गड़बड़ी हुई उन्हे सजा तक छोड़ना नहीं है,
अशोकनगर कलेक्टर
आप पूरी दुकानों को देखिए, जहां गड़बड़ है, वहां कार्यवाई कीजिये, जो अच्छा कर रहे हैं, उन्हें बधाई दीजिये।
आप शिकायतों में क्या हुआ- क्या परिणाम निकला बताएं।
कलेक्टर अपना इंटेलिजेंस सक्रीय करें
भोपाल कलेक्टर आपने वेरिफाई कर लिया यह अच्छा है।
सीधी कलेक्टर आपके यहाँ वितरण सहकारी संस्थाएं कर रही हैं क्या?
सतना कलेक्टर बताएं- दुकानें सस्पेंड की है, वहां क्या गड़बड़ी थी?
रीवा में कोई शिकायतें हैं- कलेक्टर बताएं- 20 के ऊपर कार्यवाई की है।
झाबुआ कलेक्टर आप बताइए- जो राशन वितरण हो रहा है, उससे क्या आप संतुष्ट हैं।
बड़वानी कलेक्टर - दो शिकायतें मिली
सीहोर कलेक्टर बताएं राशन मिल रहा है या नहीं? एक केस में एफआइआर हुई।
सीएम हेल्पलाइन में मुझे राशन से सम्बंधित शिकायतें मिली हैं।
जैसा भोपाल कमिशनर सब दुकानों का निरीक्षण किया है वैसा ही आप करें।
यह अभियान चला दें, कुछ शिकायतें आई हैं।
मैं भी 10 दिन अलग- अलग गांवों में जाऊंगा, राशन दुकानों का भी निरीक्षण करूंगा।
गरीब का राशन किसी को खाने नहीं देंगे, चोर बाजारी अधिनियम के तरह कार्यवाई करें, जेल भेजें
राशन वाले मामले में मैं अगले महीने फिर सबसे रिपोर्ट मांगूंगा
7 तारीख को फिर से अन्न उत्सव का कार्यक्रम होगा, जैसा पहले किया था वैसा ही होगा।
इसमें जनता से हम फीडबैक लेंगे। इसमें जनता की राय भी लेंगे।
कार्यक्रम का प्रभारी कोई एक अधिकारी होगा, और विधायकों, सांसदों से भी कहेंगे, मैं भी जाउंगा।
25000 दुकानों पर यह कार्यक्रम होगा
राशन खाद्यान्न की कालाबाजारी संबंधी अपराधों की कार्यवाही
कुल प्रकरण - 257
कुल आरोपी - 289
जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत - 4.30 (करोड़ में)
मिलावट भयंकर अपराध की श्रेणी में आता है।
यह भी सुशासन का अंग है कि हम बिना मिलावटी खाद्य पदार्थ जनता तक पहुंचाएं।
यह मिलावट हमको पूरी तरह से खत्म करनी है।
मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत की गई कार्यवाही
- जांच हेतु लिए गये रेग्यूनेटरी नमूनें - 22,027
- राज्य एवं निजी खादय प्रयोगशाला से जारी किये जांच प्रतिवेदन - 24,571
- विभिन्न श्रेणी में फेल घोषित नमूनें - 4680
- जांच हेतु लिये गये सर्विनेंस नमूनें - 2,24,491
- सक्षम न्यायालयों में दर्ज किये गये नवीन प्रकरणों की संख्या- 3246
- निराकृत प्रकरणों की संख्या ADM - 2553
- दोषसिद्ध प्रकरणों की संख्या ADM - 2539
- निराकृत प्रकरणों की संख्या CIM - 66
- कारावास से दण्डित प्रकरणों की संख्या- 55
- अधिरोपित अर्थदण्ड- 11.86 करोड़
- अर्थदण्ड की वसूली - 3.64 करोड़
- दर्ज की गई एफ.आई.आर.- 436
- एन.एस.ए. की कार्यवाही- 41
- सील किये गये खादय प्रतिष्ठान - 182
- जिला प्रशासन द्वारा नष्ट किये गये खाद्य प्रतिष्ठान- 08
- जप्त की गई सामग्री का अनुमानित मूल्य - 19.48 करोड़
- सुधार सूचना पत्र (धारा 32) - 6557
- निलंबित लायसेंस / पंजीयन की संख्या - 137
मध्य प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन की स्थिति
अब तक दी गई कुल डोज – 10.82 करोड़
18+ आयु समूह की स्थिति
अनुमानित 18+ जनसंख्या- 549.5
कुल डोज 18+ - 1,043.4
फर्स्ट डोज- 533.6 (97.1%)
सेकेंड डोज- 509.6 (92.8%)
15-17 आयु वर्ग की स्थिति (डोज लाख में)
कुल जनसंख्या- 48 लाख
फर्स्ट डोज- 34.0 लाख (70.9%)
सेकेंड डोज- 45.3 लाख (94.3%)
प्रीकॉशन डोज की स्थिति
HCW – Doses | % coverage of total eligible as of today- 2,08,846| 68.8%
FLW – Doses | % coverage of total eligible as of today
- 1,55,707 | 65.3%
60+ with comorbidities – Doses- 92,545
Total Precaution Doses administered- 4,57,098
गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की स्थिति
कुल टीकाकरण- 6,69,891
फर्स्ट डोज- 3,59,116
सेकेंड डोज- 3,10,775
धान उपार्जन को लेकर सीएम ने दिये महत्वपूर्ण निर्देश
- जो काम होते जा रहे हैं, उनका बुलेटिन बनाएँ।
- उपार्जन के लिए उत्तरप्रदेश से लाये जाने वाले क्रांति धान को प्रभावी रूप से रोकने के लिए दतिया ज़िला प्रशासन को बधाई देता हूँ।
- बाहर से आने वाले धान का उपार्जन न हो, इसका ध्यान सभी ज़िले रखें।
- विभाग और कलेक्टर्स ने धान उपार्जन का काम अच्छे से किया है। इसके लिए बधाई देता हूँ।
- किसानों के खातों में पैसा पहुँचे, अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए अब प्रयास करें।
-जिलों में भंडारण,आगामी उपार्जन कार्यों की तैयारी कर लें।
-उपार्जित खाद्यान की राशि का भुगतान सुनिश्चित करें।
-प्रदेश के किसानों को आवश्यक सुविधाएं मिलें,
खरीफ उपार्जन
पंजीकृत कृषक
धान - 833865
ज्वार - 19923
बाजरा - 51670
कुल खरीदी
धान - 4364984
ज्वार - 32737
बाजरा - 11566
समर्थन मूल्य
धान - 1940
ज्वार - 2738(हाइब्रिड)2758
बाजरा - 2250
(मात्रा मेट्रिक टन में और राशि करोड़ में)
कृषक भुगतान राशि -
धान- 4877
कोविड टीकाकरण, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या और आयुष्मान कार्ड की समीक्षा
निर्देश
- दतिया ने वैक्सीनेशन का काम बेहतर ढंग से किया है, जिसके लिए जिला प्रशासन को बधाई देता हूँ।
- सभी कलेक्टर्स सभी को साथ जोड़कर वैक्सीनेशन का काम पूरा करें।
- एक सप्ताह के बाद हम पुनः इस विषय पर बैठक करेंगे।
- मध्यप्रदेश ने वैक्सीनेशन का काम अच्छा किया है, जितना शेष रह गया है, उसका काम एक सप्ताह में पूरा करें।
देवास ज़िला प्रशासन द्वारा 15-17 आयुवर्ग के वैक्सीनेशन का कार्य सही ढंग से न करने पर मुख्यमंत्री जी ने अप्रसन्नता व्यक्त की।
बार-बार बात करने के बाद भी कुछ जगह बहुत कम मात्रा में आईसीयू बेड्स अक्रियाशील हैं, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। (बड़वानी, डिंडौरी, सतना, शाजापुर, रायसेन)
बड़वानी में आईसीयू/एचडीयू बेड्स के कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ एक्शन लें, उसे ब्लैकलिस्ट करें। (अशोक सिंह, कॉन्ट्रैक्टर)
यह आपराधिक लापरवाही है, उसका पेमेंट रोकें।
- अगर यह लहर भयानक होती, तो कौन ज़िम्मेदारी लेता?
शाजापुर के कॉन्ट्रैक्टर को भी ब्लैकलिस्ट करें।
जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा
- जिन गाँव में पीने के पानी की व्यवस्था होती जाए, वहाँ के लोग प्रधानमंत्री और (मुख्यमंत्री) के नाम पत्र लिखकर धन्यवाद दें।
- कलेक्टर और कमिश्नर चेक करवा लें कि सभी जगह पानी पहुँचा है या नहीं।
- प्रगतिरत एकल ग्राम नलजल योजनाओं के कामों में तेजी लाएँ।
- इनकी गुणवत्ता का भी ध्यान रखें। घर घर पानी पहुँचाने का काम देश में पहली बार हो रहा है। इस काम पर फोकस बहुत ज़रूरी है।
- सारे कलेक्टर इन्वॉल्व होकर काम करें।
- निचले स्तर तक सभी को इन्वॉल्व करें।
- दीनदयाल अंत्योदय समिति भी कार्यों की मॉनिटरिंग करें।
नल जल योजना के अंतर्गत जिला कलेक्टर्स से अपेक्षायें
- प्रगतिरत रेट्रोफिटिंग एकल ग्राम नल जल योजना के कार्य 31 मार्च 2022 तक पूर्ण कराएं। जिलेवार जानकारी संलग्न।
- पूर्ण की गयी नलजल योजनाओं का जनवरी 2022 में लोकर्पण किया जाये तथा प्रतिमाह पूर्ण होनेवाली योजनाओं का उसके अगले माह में लोकर्पण किया जाये।
- हर घर जल ग्रामों का भौतिक सत्यापन 31जनवरी 2022 तक कराया जाये। जिलेवार जानकारी संलग्न।
- हर घर जल ग्रामों का भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार ग्राम सभाओं के आयोजन एवं प्रमाण पत्र जारी करायें। प्रमाण पत्र, फोटोग्राफ एवं वीडियो को वेबसाईट पर अपलोड कराया जाये।
- 4019 हर घर जल ग्रामों से मान. मुख्यमंत्री जी का संवाद शीघ्र आयोजित होगा, आवश्यक तैयारी करायें।
- DWSM बैठकों के माध्यम से योजनाओं का नियमित अनुश्रवण।
- योजनाओं में गति लाने हेतु अंतर विभागीय समन्वय एवं बाधा निवारण बैठकें।
- भूमि आंवटन एवं भूमि अधिग्रहण प्रकरणों का त्वरित निराकरण।
- वोल्टेज की स्थानीय समस्या में विद्युत विभाग से समन्वय।
जल जीवन मिशन, हर घर जल ग्राम
जिले अनुसार ग्रामों की संख्या सीहोर- 254
बुरहानपुर- 252
बेतुल - 213
खरगोन- 175
रतलाम -175
धार - 168
दतिया- 152
उज्जैन - 140
रायसेन - 138
विदिशा - 133
खंडवा - 131
देवास - 122
बालाघाट- 105
नीमच - 98
छिंदवाड़ा- 95
राजगढ़ - 93
होशंगाबाद - 84
नरसिंहपुर - 82
आगर - 80
छतरपुर - 80
इंदौर - 73
गुना - 72
श्योपुर- 71
दमोह - 69
अनुपपुर- 68
मुरैना - 60
मन्दसौर- 53
रीवा -50
शिवपुरी -49
हरदा -48
जबलपुर -48
शहडोल -46
सिवनी -44
बड़वानी- 43
कटनी -42
सागर -42
टीकमगढ़- 41
सीधी -37
उमरिया- 37
मंडला -35
अशोकनगर- 32
झाबुआ -32
निवाड़ी -32
शाजापूर -39
सिंगरौली -21
पन्ना -17
भिड -16
भोपाल- 16
डिंडोरी -10
सतना -10
ग्वालियर- 0
कुल 4019 गॉव
: कोविड टीकाकरण, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या और आयुष्मान कार्ड की समीक्षा
निर्देश
- दतिया ने वैक्सीनेशन का काम बेहतर ढंग से किया है, जिसके लिए जिला प्रशासन को बधाई देता हूँ।
- सभी कलेक्टर्स सभी को साथ जोड़कर वैक्सीनेशन का काम पूरा करें।
- एक सप्ताह के बाद हम पुनः इस विषय पर बैठक करेंगे।
- मध्यप्रदेश ने वैक्सीनेशन का काम अच्छा किया है, जितना शेष रह गया है, उसका काम एक सप्ताह में पूरा करें।
- देवास ज़िला प्रशासन द्वारा 15-17 आयुवर्ग के वैक्सीनेशन का कार्य सही ढंग से न करने पर मुख्यमंत्री जी ने अप्रसन्नता व्यक्त की।
- बार-बार बात करने के बाद भी कुछ जगह बहुत कम मात्रा में आईसीयू बेड्स अक्रियाशील हैं, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। (बड़वानी, डिंडौरी, सतना, शाजापुर, रायसेन)
- बड़वानी में आईसीयू/एचडीयू बेड्स के कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ ऐक्शन लें, उसे ब्लैकलिस्ट करें।
- यह आपराधिक लापरवाही है, इसका पेमेंट रोकें।
- अगर यह लहर भयानक होती, तो कौन ज़िम्मेदारी लेता? शाजापुर के कॉन्ट्रैक्टर को भी ब्लैकलिस्ट करें।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की उपलब्धियां
मध्यप्रदेश में अब हुई 15 मोबाइल फूड लेब, जिनकी सहायता से जिलों सहित ब्लॉक, तहसील एवं ग्रामीण स्तर के खाद्य पदार्थों की जांच संभव।
मोबाइल फूड लेब से नागरिकों / खाद्य कारोबारियों
को तत्काल शुद्ध एप के माध्यम से रिपोर्ट जारी की जा रही है।
FSSAI द्वारा सम्पूर्ण देश में ‘ईट राइट सिटी’ प्रतियोगिता का आयोजन
अंतिम चरण में देश के 20 जिले शोर्टलिस्ट
अंतिम 20 में मध्यप्रदेश के 05 जिलों का चयन - उज्जैन, भोपाल, इंदौर, सागर, जबलपुर
मध्यप्रदेश देश में प्रथम
देश में प्रथम 'भोग' प्रमाणन मंदिर -
महाकाल मंदिर, उज्जैन
देश में प्रथम एयरपोर्ट 'ईट राइट कैंपस'-राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल
देश में प्रथम 'भोग' प्रमाणन दरगाह
दरगाह-ए-हकीमी, बुरहानपुर
देश में प्रथम 'ईट राइट स्कूल'-
सन्मति हायर सेकेंडरी स्कूल, इंदौर
जनसहभागिता से निजी स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम के संचालन के संबंध सीएम शिवराज ने कहा-
- हम सभी लोगों के होते हुए बहुत सारे बच्चे सड़कों पर घूमें, यह हमारे लिए शर्म का विषय है।
- ये बच्चे बाद में गलत रास्ते पर जाते हैं।
- जब हमारे पास व्यवस्था है तो क्यों इतने बच्चे सड़कों पर हैं।
- हमारा संकल्प हो कि ये बच्चे स्ट्रीट पर न रहें।
- हमारी जवाबदारी है कि कोई बच्चा जिसके पालक नहीं है, वो बेसहारा नहीं रहेगा।
- इस् माह में ही जो ज़िले ले रहे हैं, वो ले लें
विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जातियों के जाति प्रमाणपत्र बनाने की कार्यवाही की समीक्षा
निर्देश
- ये वो जातियाँ हैं, जो सबसे पीछे हैं। इनकी कोई राजनीतिक आवाज नहीं है।
- हमारा कर्तव्य है कि हम युद्धस्तर पर इनके प्रमाणपत्र बनाएँ।
- हमारी सरकार का मूलमंत्र है सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता।
- हम हर वर्ग के लिए काम कर रहे हैं।
- संत रविदास जयंती को व्यापक पैमाने पर मनाना है।
- इसमें हम अनुसूचित जाति और कमज़ोर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाओं की घोषणा करेंगे। इसकी तैयारी करें।
- सामान्य वर्ग के भाई-बहनों के लिए हम कौन से कदम उठाएँ, इस विषय पर फोकस करें।
विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जातियों के श्रमिकों एवं फेरीवालों के लिए अलग से पहचान पत्र बनाने के कार्य की प्रगति की समीक्षा कर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अहम निर्देश दिए
- विमुक्त जातियों के मजदूरों के पहचान-पत्र स्थानीय निकायों के माध्यम से जारी कराएं जाएं।
- विमुक्त जातियों के फेरी वालों के पहचान-पत्र नगरीय निकायों के माध्यम से जारी कराएं जाएं।
- आगामी कलेक्टर कांफ्रेंस में कार्य की प्रगति से अवगत कराएं।
- घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ बस्तियों का चिन्हांकन करें। घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ परिवारों का राशन कार्ड बनाया जाना सुनिश्चित करें।
- जिलों में निवासरत इन समुदायों के पारंपरिक कलाओं और आय के साधनों का चिन्हांकन करें, ताकि इनका उन्नयन किया जा सके।
- इनके छात्र-छात्राओं को छात्रावास में मांग अनुसार प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश कराएं।
- आवश्यकता होने पर एस.सी. एवं ओ.बी.सी. छात्रावास में भी प्रवेश कराएं।
- जिलों में विभाग द्वारा आयोजित कौशल विकास संबंधी प्रशिक्षण में विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ वर्ग को प्राथमिकता दी जावे।
- जिलों में स्व-रोज़गार योजनाओं से उक्त वर्ग को जोड़ा जावे।
विगत बैठक में मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के 'पालन प्रतिवेदन' पर चर्चा के बाद सीएम ने कहा-
- मुख्यमंत्री भू-अधिकार आवासीय योजना के अंतर्गत हमें पात्रों को आवासीय पट्टा देना है।
- इसमें टीकमगढ़, निवाड़ी जैसे जिलों ने अच्छा काम किया है। बाकी ज़िले भी काम करें।
- मैं अगले महीने इसकी समीक्षा करूंगा।
- रोजगार दिवस के लिए मैं कलेक्टर्स को बधाई देता हूँ। हमने 5.26 लाख लोगों को योजनाओं के माध्यम से ऋण दिया। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
- राशन आपके ग्राम योजना में जो वाहन चालक हैं, उनका क्या-क्या काम है, इसके लिए उनको ट्रेन कीजिये।
- राशन आपके ग्राम योजना में जो कठिनाई आ रही हैं, उसका रिव्यू करें। इसका फीडबैक लें।
- 'अंकुर प्रोग्राम' को हम सरकारी कार्यक्रम न मानें।
- यह पर्यावरण को बचाने का कार्यक्रम है। इसमें एनजीओज़ को जोड़ें। इस क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले बहुत लोग हैं।
- मैं एक पेड़ रोज लगाता रहूँ, - पौधा रोपण के लिए हमें और लोगों को प्रेरित करने का प्रयास करना पड़ेगा।
- अंकुर प्रोग्राम के तहत पंजीयन में जो पीछे रह गए हैं, इस पर ध्यान दें। इसे जनांदोलन का रूप दें।
: अंकुर कार्यक्रम के तहत
- अब तक कुल 3 लाख 78 हजार नागरिकों ने पंजीयन कराया ।
- 5 लाख 88 हजार पौधों का रोपण कर प्रथम फोटो अपलोड किए गए ।
- 92 हजार पौधों के द्वितीय फोटो अपलोड किए गए ।
- प्रदेश के सभी जिलों से 19 फरवरी, 22 तक 10.19 लाख पौधारोपण का स्वनिर्धारित लक्ष्य ।
ऊर्जा साक्षरता अभियान को लेकर चर्चा
ऊर्जा साक्षरता में ग्वालियर ने सबसे अच्छा काम किया है बाकी जिले भी प्रेरणा लें।
मैं ग्वालियर जिले को बधाई दे रहा हूँ,उन्होंने गंभीरता से इसे किया।
जब तक इसे जन अभियान नहीं बनाएंगे तब तक नहीं होगा-
जहां मैं सीएम हाउस में रहता हूँ, वहां बिना मतलब बिजली नहीं जलने देता- मैं खुद ही बटन बन्द कर देता हूँ।
यह स्वभाव में आ जायेगी तो हम इस अभियान को सफल बना लेंगे।
यदि हम जिम्मेदार नागरिक हैं तो इसे खुद से शुरू कर जनता तक ले जाना है।
बिजली बचाना, बिजली बनाने जैसा है, यदि हम बचा लेंगे तो हजारों करोड़ बचा सकते हैं।
यह गुड गवर्नेंस का अंग है।
काम हर एक को करना है, इसमें लापरवाही नहीं चलेगी।
पशुपालकों और मत्स्यपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने की समीक्षा में सीएम ने दिये अहम निर्देश
- केसीसी मिलने के बाद हमें एजुकेट भी करना होगा कि इसका कैसे उपयोग करें।
- शिविर लगाकर मछुआ क्रेडिट कार्ड बाँटें और टारगेट पूरा करें।
- परंपरागत मछुआरों की शिकायत आती हैं कि तालाबों में उनको काम नहीं मिलता, कोई दबंग उनके नाम पर कब्ज़ा कर लेता है।
- मछली के काम में 'बड़ी मछलियाँ' प्रवेश न करें।
- मछुआरों की समितियाँ अच्छे से बनाएँ और कब्जे न हों।
- एक झटके में सारी समितियाँ निरस्त करो, जाँच करो और असली मछुआरों को काम दो।
- इस संबंध में क्या कार्यवाही हुई, इसकी समीक्षा अगले महीने करूंगा।
: मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग
केसीसी अभियान - 15 नवंबर 2021 से अब तक-
- लक्ष्य - 2,00,000
- आयोजित कैम्पों की संख्या- 109
- कुल प्रस्तुत प्रकरण-14398
- कुल स्वीकृत प्रकरण- 2446
- लंबित प्रकरण -11156
- स्वीकृत राशि (लाख में ) 412.28
- भारत सरकार की बैठक दिनांक 5 जनवरी 2022 के अनुसार मध्यप्रदेश देश में द्वितीय स्थान पर है
- योजना अंतर्गत कुल 16985 क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए
मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग
केसीसी प्रकरण - अप्रैल 2020 से अब तक-
- लक्ष्य - 2,00,000
- आयोजित कैम्पों की संख्या- 109
- कुल प्रस्तुत प्रकरण-48,212
- कुल स्वीकृत प्रकरण- 16,985
- लंबित प्रकरण - 28,281
अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिले
बालाघाट, सीहोर,धार,मंदसौर,टीकमगढ़
असंतोषजनक कार्य वाले जिले
मुरैना, गुना,भिंड, होशंगाबाद, सागर
उर्जा साक्षरता अभियान
- उर्जा साक्षरता अभियान में विशेष प्रयास किए जाएं। शासकीय कार्यालयों में विद्युत खपत में 10 प्रतिशत कमी लायी जाए।