मध्यप्रदेश में महानगर सरकारें अगले तीन दिन में आकार ले लेंगी, लेकिन 'नगर सरकारों' के गठन में अपना दबदबा बनाए रखने सत्तारूढ दल भाजपा ने बाजी को अपने पक्ष में करने के लिये ताकत झोंक रखी है। आज शाम भी मुख्यमंत्री इस सिलसिले में अपने दल के नेताओं के साथ चर्चा कर रहे हैं। वहीं ग्वालियर निगम समेत कई पालिकाओं में पार्षदों की बाड़ेबंदी तेज है। ग्वालियर के पार्षदों का जत्था दिल्ली में है।

इधर नगर निगम इंदौर, भोपाल जबलपुर में क्रमशः 5,6 और 7 अगस्त को नई 'शहर सकार' शपथ लेगी। पहले भोपाल के लिये चार अगस्त तय हुई थी फिर सात अगस्त और अब साथ अगस्त का दिन मुकर्रर हुआ है। भोपाल इंदौर के शपथ समारोह में मुख्यमंत्री चौहान शामिल होंगे तो जबलपुर में पूर्व सीएम कमलनाथ रहेंगे।

ग्वालियर में 1 अगस्त को ही महापौर शपथ ले चुकी हैं। मगर अध्यक्ष के पद को लेकर ग्वालियर में सबसे ज्यादा जोड़ तोड़ है। यहां महापौर कांग्रेस से है, जबकि पार्षद भाजपा के सबसे ज्यादा हैं।यहाँ कल अध्यक्ष का चुनाव है। कांग्रेस व भाजपा के पार्षद कहने को अंडरग्राउंड हैं मगर भाजपा पार्षदों का जत्था गुड़गांव में 'नजर' आ रहा है तो कांग्रेस पार्षद ओरछा मे रखे गये हैं। इस काम में भाजपा और कांग्रेस ने अपने अनुभवी नेताओं को तैनात किया है। प्रकारांतर से यह बाड़ेबंदी ही है। उल्लेखनीय है कि भोपाल में महापौर और पार्षदों के निर्वाचन की अधिसूचना 25 जुलाई को जारी हुई थी।

नियमानुसार इसके 15 दिन के भीतर परिषद का पहला सम्मेलन होना है। इसके चलते शनिवार 6 अगस्त को महापौर मालती राय शपथ लेगी।8 को परिषद का पहला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। चूंकि,भाजपा के 58 पार्षद हैं। ऐसे में उसका ही अध्यक्ष बनना तय है। प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा और कृष्णा गौर तैयारी की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इंदौर में भाजपा के पुष्यमित्र भार्गव कल मापीर की शपथ ले रहे हैं।