राजनीति शब्द सुनते ही अंदर से समाज सेवा, देश सेवा की भावना जाग्रत होने लगती है। राजनीतिक शब्द का मूल्य उद्देश्य भी शायद सेवा ही है। लेकिन अब कई विषयों पर राजनीति सेवा से हटकर सत्ता पाने के पीछे भागती नज़र आने लगी है। क्योंकि ठीक ऐसा ही एक बड़ा बयान किसी आम आदमी ने नहीं बल्कि सत्ताधारी दल के बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिया। 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने बयान में कहा कि 'मुझे कई बार लगता है कि मैं राजनीति छोड़ दूँ। क्योंकि महात्मा गाँधी के समय से ही राजनीति देश, समाज, विकास के लिए होती थी। लेकिन अब राजनीति सिर्फ़ सत्ता पाने के लिए होती है।

नितिन गडकरी के इस बयान के बाद से ही कई लोग अपने-अपने हिसाब से अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी किसी ने उनके इस बयान को बीजेपी के खिलाफ़ बताया, तो किसी ने उनके ही विभाग की पोल खोल दी। तेज़ी से वायरल हो रही उनके ही विभाग की कुछ खबरों की बात करें तो हाल ही में बारिश की चंद बूंदों ने 14,850 करोड़ रुपए की लागत से बने 296 किलोमीटर लंबे "बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे" का नक्शा ही बिगाड़ दिया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 16 जुलाई को उद्घाटन के करीब चार ही बाद ही एक्सप्रेस-वे पर बारिश के चलते गहरा गड्ढा हो गया, और कई जगह एक्सप्रेस-वे जर्जर भी नज़र आया।

ठीक इसी तरह की स्थिति आज भोपाल में भी नज़र आई। भोपाल से करीब 15 किमी दूर होशंगाबाद रोड पर "भोपाल-नागपुर नेशनल हाईवे" का एक बड़ा हिस्सा अचानक से बारिश में बह गया। ख़ास बात यह है कि इस हाईवे का काम फ़िलहाल अभी भी कुछ जगह पर जारी है। काम पूरा होने से पहले ही हाईवे के निर्माण में बड़ी लापरवाही सामने आने लगी है। क्योंकि करोड़ो की लागत से बनी यह सड़क पहली ही बारिश में बहना शुरू हो गई हैं।