केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अमृतसर-जामनगर इकॉनोमिक कॉरिडोर की तस्वीरों को शेयर किया है। देश का सबसे लंबा 1224 किमी का इकॉनोमिक कॉरिडोर अमृतसर से जामनगर के बीच निर्माणाधीन है। इन तस्वीरों से भारत के बलदते इंफ्रास्ट्रक्चर का अंदाज़ लगाया जा सकता है। 

मंत्री गडकरी ने बताया कि कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिए गया है। मंत्री गडकरी के मुताबिक़ इस इकॉनोमिक कॉरिडोर का 600 किलोमीटर का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कॉरिडोर की कुल लागत 26730 करोड़ है।

अमृतसर-जामनगर इकॉनोमिक कॉरिडोर का निर्माण भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। निमार्णाधीन 1224 किमी लंबे इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा 636 किमी का हिस्सा राजस्थान से गुजर रहा है। यह इकॉनोमिक कॉरिडोर देश के 7 राज्यों और देश की 3 बड़ी रिफाइनरी और 3 पोर्ट को आपस में जोड़ेगा। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और जामनगर-अमृतसर इकॉनोमिक कोरिडोर को आपस में जोड़ने की भी योजना बनाई है।

यह देश का दूसरा सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे है, जिस पर इंटरचेंज या वे साइट के पास हेलीपैड बनाए जाने हैं। एक्सप्रेस-वे के नजदीक बने हेलीपैड का उपयोग इमरजेंसी के दौरान किया जाएगा। इसकी मदद से क्रिटिकल मरीजों को एयर लिफ्ट किया जा सकेगा।

इसके लिए एनएचएआई ने 20 से 25 साइट को चिन्हित किया है। यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी बॉर्डर के बड़े मिलिट्री स्टेशनों को भी कनेक्ट करेगा। इससे अब सेना का रिस्पांस टाइम 48 घंटे से कम हो जाएगा। इससे पोरबंदर, मुंद्रा और कांडला पोर्ट को भी कनेक्ट किया जाएगा।