हाल ही में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गुंडा कहा था। अब इसे लेकर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह को आड़े हाथों लिया है।
उनका कहना है, कि अब दिग्विजय सिंह जी को तो बजरंगदल गुंडा नज़र आएगा ही, PFI तो सकभी गुंडा नज़र आएगी नहीं उनको, न सिमी गुंडा नज़र आएगी, न HUT गुंडा नज़र आएगी, जाकिर नायक उन्हें शांतिदूत नज़र आएंगे। ये सब लोग उन्हें सज्जन लगते होंगे।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना था, कि इनको कभी PFI के ख़िलाफ़ बोलते आपने नहीं सुना होगा। जहां भी हिंदू या राष्ट्रभक्त संगठनें की बात आएगी वहां पर आपको दिग्विजय सिंह बोलते ज़रूर नज़र आएंगे। कभी PFI पर सिमी पर या जाकिर नायक पर बोलते ही नहीं मिलेंगे।
आपको बता दें, कि हाल ही में मध्यप्रदेश कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर बजरंग दल पर निशाना साधा था। देवास में पत्रकारों से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, 'उन्होंने बजरंग दल जैसे भ्रष्ट, बेईमान और देशद्रोही संगठन की तुलना बजरंगबली से की है। इस बयान से हमारी आत्मा और हमारे धर्म को ठेस पहुंची है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई।' पीएम नरेंद्र मोदी माफी मांगें।
कर्नाटक चुनाव में बजरंगबली के नाम के इस्तेमाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा, 'चुनाव आचार संहिता का पालन होता है, चुनाव आयोग उसका पालन करता है, साथ ही जनप्रतिनिधित्व कानून का भी पालन करता है। इसके तहत किसी को भी इसके नाम पर वोट नहीं देना चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बटन दबाने के लिए बजरंगबली की जय कहते हैं। यह स्पष्ट रूप से जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना होगा। सिर्फ मुकाबले की बात कर रहीं सोनिया गांधी को चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आयोग ने कोई नोटिस नहीं भेजा।
आपको बता दें कि कर्नाटक चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया था, जिसमें लिखा था कि सोनिया गांधी ने 6.30 करोड़ कन्नड़ लोगों को कड़ा संदेश दिया है। कांग्रेस किसी को भी कर्नाटक की गरिमा, अखंडता या अखंडता के लिए खतरा पैदा करने की अनुमति नहीं देगी। इस पर चुनाव आयोग ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को नोटिस भेजकर इंटरनेट मीडिया पर प्रकाशित इस पोस्ट पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
इसके बाद से कांग्रेस नेता बजरंग दल पर लगातार हमले कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल और पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। चुनाव में बीजेपी ने बजरंगबली के नाम पर वोट भी मांगे, लेकिन चुनाव आयोग ने एक भी नोटिस जारी नहीं किया। यही वजह है कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगा रही है।