विकास के दावें कितने भी बड़े क्यों न हो, धरातल पर दम तोड़ ही देते हैं। अब आप शिवराज कैबिनेट के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को ही देख लीजिये। बेचारे मंत्री जी अपनी ही सरकार के बेहतर विकास को धक्का लगाने पर मजबूर हैं।
सोशल मीडिया पर मंत्री जी अक्सर नाली, शौचालय साफ़ करते या फिर बिजली के खंभे पर चढ़कर तार ठीक करते और यहाँ तक कि ख़राब सड़कों पर चलने वाली जनता के पैर धोते तक नजर आते रहते हैं।
सड़कों की दुर्दशा के लिए चप्पलों का तयाग करने वाले मंत्री जी भले ही अपने राजनीतिक आका ज्योतिरादित्य सिंधिया से दोबारा चप्पल पहन चुके हो लेकिन सड़कों के हालात जस के तस हैं।
हद तो तब हो गई जब सड़क का जायजा लेने पहुंचे मंत्री जी खुद ही कीचड़ में फ़स गए। फिर क्या था आम नागरिक की तरह ही गाड़ी को धक्का लगाकर बड़ी मशक्कत से बाहर निकाल पाये।
दरअसल, सोमवार शाम ऊर्जा मंत्री ग्वालियर के विनय नगर इलाके में पहुंचे थे, तभी उनकी कार बीच सड़क कीचड़ में फ़स गई थी। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस वायरल वीडियो को देख मन में यहीं सवाल उठ रहा होगा कि अगर शहरों की ये हालत है तो फिर ग्रामीण अंचलों में विकास किस स्तर पर होगा, इसका अंजादा लगा पाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। शायद इसीलिए नगर निगम चुनाव में ग्वालियर की जनता ने बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता तक दिखा दिया।
अब ऊर्जा मंत्री का यह वीडियो सरकारी तंत्र के साथ ही उस सरकार पर भी सवाल खड़े कर रहा है, जिसकी नुमाइंदगी खुद मंत्री महोदय करते हैं।