भोपाल: वन मंत्री डॉ. विजय शाह के निशाने पर उज्जैन सर्किल एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल रहे. डॉ. शाह ने गड्ढे खोदने के प्रैक्टिकल नॉलेज हेतु एपीसीसीएफ और पदेन वन संरक्षक मनोज अग्रवाल को 5 अगस्त को इंदौर बुलवाया है. वहीं वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने बजट खर्च नहीं करने पर आधा दर्जन डीएफओ के प्रति नाराजगी जताई.

जंगल महकमे में मंगलवार को वन मंत्री डॉ. विजय शाह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ फील्ड के अधिकारियों को नसीहत भी दी और फटकार भी लगाई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मनरेगा के अंतर्गत मशीन से गड्ढे खुदाई पर चर्चा हो रही थी. वन मंत्री शाह का कहना था कि मशीन से गड्ढे की खुदाई की जाए.

उन्होंने बताया कि गड्ढे खोदने के लिए 18-20 हजार रूपये की मशीन आती है. इससे हर साइज के गड्ढे आसानी से खुद जाते हैं. इस पर उज्जैन सर्किल के पदेन वन संरक्षक एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल ने मनरेगा के बजट से मजदूरी से काम कराने का प्रावधान है. अग्रवाल ने मंत्री को ध्यान दिलाया कि उनके यहां की मिट्टी कठोर है. यहां गड्ढे आसानी से नहीं खोदे जा सकते हैं. अग्रवाल के इस बात पर वन मंत्री ने तपाक से उन्हें 5 अगस्त को इंदौर आने का न्यौता दिया और कहां कि यहां आप गड्ढे खोदकर प्रैक्टिकल नॉलेज ले.

साल भर के भीतर हर रेंज 4G से जुड़े-

वन मंत्री शाह ने सभी फील्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक साल के भीतर हर रेंज ऑफिस 4G से जुड़े. उन्होंने प्रत्येक रेंज कार्यालय में 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने की हिदायत दी है. डॉ शाह ने कहा कि सीसीएफ एवं डीएफओ कार्यालय खंडवा में 10 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाएं.

सभी डीएफओ, एसडीओ, रेंजर्स और नाकेदारों से कहा है कि वे अपने अपने स्तर के जनप्रतिनिधियों से मिले. उन्होंने यह भी कहा कि  अतिक्रमण हटाने के पहले वे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत करें. आम जनता की समस्या के निराकरण हेतु तीन हफ्ते में दो दिन ऑफिस में बैठना जरूरी है.

इन अफसरों ने बजट खर्च करने में बरती उदारता-

वीडियो कांफ्रेंसिंग में वन बल प्रमुख (हॉफ) आर.के गुप्ता ने बजट के उपयोग करने में बरती गई उदासीनता पर आधा दर्जन डीएफओ के प्रति नाराजगी जताई. आधा दर्जन से डीएफओ अब तक 2 से 3 परसेंट तक ही बजट का उपयोग कर सकें है.

इनमें हरदा, शिवपुरी, शाजापुर, दक्षिण सिवनी, शिवपुरी, टीकमगढ़ और बालाघाट उत्तर प्रमुख है. इसके अलावा बालाघाट दक्षिण उत्पादन वन मंडल की डीएफओ नेहा गुप्ता की भी क्लास लगी. श्रीमती गुप्ता ने भवन मरम्मत के लिए प्राप्त बजट राशि का उपयोग अभी तक नहीं कर पाई हैं.