कोरोना के नए प्रकार के खतरे को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हैं और अब इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्र ने सोमवार को कई देशों में कोविड-19 मामलों में उछाल के बीच मॉक ड्रिल पर परामर्श जारी किया।
दिल्ली में यह अभ्यास दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में होगा। इसके अलावा यूपी और अन्य राज्यों में भी मॉक ड्रिल होगी।
केंद्र की सलाह के बाद आज राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अस्पतालों में कोरोना से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी।
अभ्यास में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, आइसोलेशन बेड की क्षमता, ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर सपोर्टेड बेड, डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स, आयुष डॉक्टरों की अधिकतम उपलब्धता जैसे मापदंडों का परीक्षण किया जाएगा। इस बीच आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य फ्रंटलाइन वर्करों से भी जानकारी ली जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ कोरोना की स्थिति और तैयारियों को लेकर वर्चुअल बैठक की। उन्होंने बताया कि मंगलवार को देशभर के सभी कोविड अस्पतालों में मॉक ड्रिल की जाएगी। इसमें सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री भी अपने स्तर पर हिस्सा लेंगे।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के अस्पताल 27 दिसंबर को कोविड-19 के मामलों में किसी भी उछाल का सामना करने के लिए बेड और मैनपावर की उपलब्धता सहित अपनी तैयारियों का आकलन करने के लिए मॉक ड्रिल करेंगे।
कई देशों में कोविड-19 मामलों में उछाल के बीच केंद्र ने सोमवार को इस आशय से एक एडवाइजरी जारी की है। यह अभ्यास दिल्ली सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य केंद्रों जैसे एलएनजेपी अस्पताल और राष्ट्रीय राजधानी में निजी अस्पतालों में होगा।
सिसोदिया ने कहा कि केंद्र के निर्देश के बाद मंगलवार को सभी अस्पतालों में कोविड प्रबंधन की तैयारियों की जांच के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी भी अंतराल का तुरंत ध्यान रखा जाएगा।
मॉक ड्रिल में बेड की उपलब्धता, जनशक्ति, रेफरल संसाधन, परीक्षण क्षमता, चिकित्सा रसद, टेलीमेडिसिन सेवाओं और चिकित्सा ऑक्सीजन की उपलब्धता का आंकलन किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की उपलब्धता पर रीयल-टाइम डेटा मंगलवार से दिल्ली सरकार के पोर्टल पर जनता के लिए उपलब्ध होगा। एलएनजेपी के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि हम अभ्यास के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जो कोविड-19 से संबंधित किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए हमारी तैयारियों का आकलन करेगा।
जल्द ही कोविड-19 की जांच भी शुरू होने की संभावना है। एक अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में शहर में हर दिन लगभग 2,500 से 3,000 परीक्षण किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मंगलवार सुबह 10 बजे से मॉक ड्रिल होगी। इसमें कोविड से लड़ने के लिए की गई तैयारियों की जांच की जाएगी।
इसके लिए संबंधित अस्पतालों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। संबंधित नोडल अधिकारी मॉक ड्रिल में पाई गई खामियों के संबंध में रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को सौंपेंगे। सप्ताह भर में जहां खामियां पाई जाएंगी, वहां फिर से मॉकड्रिल की जाएगी।
राज्य के सभी अस्पतालों को कोविड को लेकर पुख्ता तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों में वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं। यदि कोविड मरीजों की संख्या बढ़ती है तो कोविड वार्ड में बिस्तरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
इसी तरह वार्डों में प्लांट से लेकर बेड तक ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, दवा आदि की व्यवस्था की गई है। सिस्टम की सक्रियता की वैधता को सत्यापित करने के लिए मंगलवार को एक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।