ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में पीएम मोदी के साथ रक्षा और कारोबार समेत कई विषयों पर द्विपक्षीय चर्चा की। इसके बाद उन्होंने संयुक्त बयान में कहा कि, इस मुलाकात से भारत और ब्रिटेन के बीच संबंध मजबूत हुए हैं। संयुक्त बयान में बताया कि, इस बातचीत से रिश्ते को हर तरह से मजबूत मिली है।

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हमने दोनों देशों के रिश्ते को हर तरह से किया मजबूत- जॉनसन

जॉनसन ने कहा कि, इस यात्रा ने हमारे संबंधों को गहरा किया है क्योंकि आज हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त करने, खुला और नियम-आधारित रखने में साझा हित प्रस्तुत किया है। वायु, अंतरिक्ष और समुद्री खतरों से निपटने के लिए सहमती भी बन गई है। स्थायी घरेलू ऊर्जा के लिए भी कदम उठाये गए है। आज हमारी शानदार बातचीत हुई और हमने अपने रिश्ते को हर तरह से मजबूत किया है। भारत और ब्रिटेन के बीच साझेदारी हमारे समय की परिभाषित मित्रता में से एक है।  

उन्होंने कहा, पिछले साल से, निरंकुश जबरदस्ती के खतरे और भी बढ़ गए हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम हिंद-प्रशांत को खुला और मुक्त रखने में अपने साझा हित सहित अपने सहयोग को गहरा करें। यूके नौकरशाही को कम करने और रक्षा खरीद के लिए डिलीवरी के समय को कम करने के लिए एक भारत विशिष्ट खुला सामान्य निर्यात लाइसेंस बना रहा है। इससे दोनों देशो को फ़ायदा होगा..!

UK की कंपनियों द्वारा भारत में बढ़ते निवेश का स्वागत- मोदी 

मोदी ने कहा, इस समय जब भारत अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मनाया रहा है। प्रधानमंत्री जॉनसन का यहां आना अपने आप में एक ऐतिहासिक पल है। कल तो पूरे भारत ने देखा है कि आपने अपनी भारत यात्रा का शुभारंभ साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित करके किया। पिछले साल हमने दोनों देशों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की स्थापना की थी। इस दशक में अपने संबंधों को दिशा देने के लिए हमने एक महत्वाकांक्षी रोडमैप 2030 भी लॉन्च किया था। आज हमने इस रोडमैप को भी रिव्यू किया और आगे के लिए लक्ष्य तय किए। 

उन्होंने कहा, हमने इस साल के अंत तक FTA के समापन की दिशा में पूरा प्रयास करने का निर्णय लिया है। पिछले कुछ महीनें में भारत ने UAE और ऑस्ट्रेलिया के साथ फ्री ट्रेड अग्रीमेंट का समापन किया है। उसी गति और कमिटमेंट के साथ हम UK के साथ भी FTA पर आगे बढ़ना चाहेंगे। भारत में चल रहे व्यापक reforms, हमारे infrastructure modernization plan और National Infrastructure Pipeline के बारे में भी हमने चर्चा की। हम UK की कंपनियों द्वारा भारत में बढ़ते निवेश का स्वागत करते हैं। और इसका एक उत्तम उदाहरण हमें कल गुजरात में हालोल में देखने को मिला। 

मोदी बोले, आज हमने अपनी climate और energy पार्टनरशिप को और अधिक गहन करने का निर्णय लिया। हम UK को भारत के National Hydrogen Mission में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं। आज हमारे बीच Global Innovation Partnership के implementation arrangements का समापन एक बहुत महत्त्वपूर्ण पहल साबित होगी। इसके तहत तीसरे देशों में “Made in India” innovations के transfer और scaling-up के लिए भारत और UK 100 मिलियन डॉलर तक co-finance करेंगे। 

उन्होंने कहा, एक free, open, inclusive and rules-based order पर आधारित Indo-Pacific क्षेत्र बनाए रखने पर हमने जोर दिया। Indo-Pacific Oceans Initiative से जुड़ने के UK के निर्णय का भारत स्वागत करता है। हमने यूक्रेन में तुरंत युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी पर बल दिया। हमने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान का महत्त्व भी दोहराया। हमने एक peaceful, stable और secure Afghanistan और एक inclusive और representative Government के लिए अपना समर्थन दोहराया। यह आवश्यक है कि अफगान भूमि का प्रयोग अन्य देशों में आतंकवाद फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए।