तीन दिन की देरी से आने के बाद मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु के तटीय इलाकों को पार कर मानसून सही समय पर गोवा पहुंच गया है। यहां मानसून की एंट्री की सामान्य तारीख 5 जून है।
उम्मीद है कि मानसून मुंबई में समय पर या पहले दस्तक दे सकता है। फिलहाल पणजी, बेंगलुरु, सलेम, पंबन में मानसून के कारण तेज बारिश हो रही है। वहीं केरलम में आज रेड अलर्ट जारी किया गया है। अब दिन में मानसून के असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल और बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंचने का अनुमान है।
10 दिन में यह बिहार, झारखंड और ओडिशा में आ सकता है। हालांकि, बाद में मानसून अटक सकता है। स्काईमेट वेदर के एक्सपर्ट जीपी शर्मा के मुताबिक एमपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल में मानसून को आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत सिस्टम की जरूरत होती है, जो फिलहाल मौजूद नहीं है।
ऐसे में इन राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून एक्टिव है। राजस्थान में शुक्रवार को धूलभरी आंधी और तेज बारिश से चार लोगों की मौत हो गई।
वहीं एमापी में मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून जमकर बरस रहा है। बीते 24 घंटे में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ पानी गिरा। ऐसा ही मौसम शनिवार को भी बना रहेगा। मौसम केंद्र ने प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की है।
आज इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश के आसार हैं। आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम में इससे थोड़ी राहत मिल सकती है।